कोलकाता, तीन अगस्त (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने यहां आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर दो साल पहले एक प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच के विभिन्न पहलुओं की दोबारा समीक्षा की। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
इस वर्ष मई में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीबीआई की एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था, ताकि नौ अगस्त 2024 की रात प्रशिक्षु चिकित्सक के रात का भोजन करने से लेकर अंतिम संस्कार तक हुई घटनाओं की जांच की जा सके।
अस्पताल में स्नातकोत्तर प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पूरे पश्चिम बंगाल और देशभर के चिकित्सा समुदाय के बीच भारी आक्रोश फैल गया था।
सोमवार को पांच सदस्यीय जांच टीम ने जांच के विभिन्न पहलुओं की दोबारा समीक्षा करने के लिए आपातकालीन विभाग समेत अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया। सीबीआई के एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
पिछले सप्ताह सीबीआई ने एक स्थानीय अदालत में वस्तुस्थिति रिपोर्ट दाखिल कर बताया था कि जांच अभी जारी है और इसे पूरा करने के लिए और समय की जरूरत है।
अब इस जांच का नेतृत्व संदीपनी गर्ग कर रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में एसआईटी का कार्यभार संभाला है। वह 30 जुलाई को नए जांच अधिकारी के रूप में सियालदह अदालत में पेश हुए थे और उन्होंने पीड़िता की मां से संक्षिप्त बातचीत करते हुए उनसे जांच पर भरोसा रखने की अपील की थी।
आर. जी. कर अस्पताल के अधीक्षक सप्तर्षि चट्टोपाध्याय ने सोमवार के एसआईटी के दौरे की पुष्टि करते हुए कहा, “सीबीआई की विशेष जांच टीम अस्पताल आई थी। टीम में पांच सदस्य थे। उन्होंने आपातकालीन विभाग का दौरा किया। मैं फिलहाल इतना ही कह सकता हूं।”
सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी इस मामले की ‘पेशेवर और निष्पक्ष तरीके’ से जांच कर रही है और ‘सभी महत्वपूर्ण सुरागों और सबूतों की जांच की जा रही है।”
पहली जांच टीम द्वारा जुटाए गए सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज नयी एसआईटी को सौंप दिए गए हैं।
पीड़िता के परिवार ने भी एक नया आवेदन देकर मांग की है कि इस मामले में और लोगों से पूछताछ की जाए।
परिवार ने एजेंसी से अनुरोध किया है कि उन लोगों से भी पूछताछ की जाए, जिन्होंने पीड़िता की मौत से पहले आखिरी बार उससे बात की थी। साथ ही पोस्टमार्टम करने वाले फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका की भी जांच की जाए।
सीबीआई ने संकेत दिया है कि इन सभी पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
भाषो जोहेब दिलीप
दिलीप