जनगणना-2027 दिव्यांगता डेटा रिकॉर्ड करने का ऐतिहासिक अवसर : आठवले

जनगणना-2027 दिव्यांगता डेटा रिकॉर्ड करने का ऐतिहासिक अवसर : आठवले

जनगणना-2027 दिव्यांगता डेटा रिकॉर्ड करने का ऐतिहासिक अवसर : आठवले
Modified Date: March 17, 2026 / 07:06 pm IST
Published Date: March 17, 2026 7:06 pm IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को कहा कि जनगणना-2027 दिव्यांगता की सभी 21 मान्यता प्राप्त श्रेणियों का सटीक डेटा एकत्रित करने और दिव्यांगों से जुड़े नीति निर्माण को सक्षम बनाने का ‘ऐतिहासिक अवसर’ प्रदान करेगी।

आठवले ने ‘‘दृश्यमान से परे : दिव्यांगता समावेशन पर सांसदों के लिए मार्गदर्शिका’’ के लोकार्पण अवसर पर कहा कि ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ के लागू होने के बाद पहली बार इस तरह का डेटा एकत्रित किया जाएगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि बेहतर गणना और भिन्न-भिन्न प्रकार के डेटा सरकार को प्रभावी कार्यक्रम बनाने में मदद करेगा और दिव्यांग व्यक्तियों के बेहतर समावेशन को सुनिश्चित करेगा।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री आठवले ने कहा, ‘‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 एक महत्वपूर्ण सुधार कानून था, जिसने दिव्यांगता की 21 श्रेणियों को मान्यता दी, जो कल्याण-आधारित दृष्टिकोण से अधिकार-आधारित दृष्टिकोण का प्रमाण है तथा इसके जरिये भारत को भी संयुक्त राष्ट्र के दिव्यांग अधिकार सम्मेलन के अनुरूप बनाया जा सका।’’

नेशनल सेंटर फॉर प्रोमोशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट फॉर डिसेबल्ड पीपल्स (एनसीपीईडीपी) के कार्यकारी निदेशक अरमान अली ने कहा कि यह मार्गदर्शिका सांसदों को कानूनी प्रावधानों को व्यावहारिक नीतियों में बदलने और दिव्यांग व्यक्तियों की भविष्य की बाधाओं को दूर करने में मदद के उद्देश्य से तैयार की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह पुस्तक दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम को वास्तविक विधायी कार्रवाई में बदलने और भारतीय लोकतंत्र में समावेशन को वास्तविक अनुभव बनाने में मदद करेगी।’’

इस कार्यक्रम में समावेशी स्वास्थ्य कवरेज और राजनीतिक भागीदारी पर एक पैनल चर्चा भी हुई, जिसमें केंद्रीय दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड के सदस्य ईटी मोहम्मद बशीर, लोकसभा सदस्य ई. राजेंद्र, राज्यसभा सदस्य फौज़िया खान, भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान, भाजपा युवा संगठन की उपाध्यक्ष नेहा जोशी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनिश गवांडे शामिल थे।

भाषा सुरेश धीरज

धीरज


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