नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने बृहस्पतिवार को सरकार पर पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए यह दावा दोहराया कि मनरेगा समेत विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की दो लाख करोड़ रुपये से अधिक राज्य की राशि केंद्र पर बकाया है।
उन्होंने वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांग के दूसरे बैच पर, लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए देश में रसोई गैस सिलेंडर की कमी से जुड़ी खबरों का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में कहा था कि एलपीजी का कोई संकट नहीं है, यदि ऐसा है तो फिर रसोई गैस सिलेंडर के दाम क्यों बढ़ाए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं मिलने का दावा करके 2022 से बंगाल के बकाया दो लाख करोड़ रुपये नहीं दे रही। राज्य ने उपयोगिता प्रमाणपत्र दे दिया है। लेकिन राज्य का पैसा ‘बांग्ला विरोधी’ इस सरकार ने नहीं दिया।’’
आजाद ने दावा किया कि 2022 से लेकर 2026 तक केंद्र सरकार को 24 हजार करोड़ रुपये प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत पश्चिम बंगाल को देने थे, लेकिन नहीं दिए गए, वहीं बंगाल सरकार ने अपने स्तर पर 38,400 करोड़ रुपये दिए।
चर्चा में भाग लेते हुए शिवसेना (उबाठा) के अनिल देसाई ने कहा कि सरकार ने दावा किया था कि कच्चा तेल के दाम कम होने पर भी देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं घटाने से जो बचत हुई है, उसका इस्तेमाल संकट के समय किया जाएगा। उन्होंने सवाल किया, ‘‘वह पैसा कहां है?’’
उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के कारण बने हालात में आपातकालीन कोष का उपयोग करने की जरूरत बताई।
भाषा वैभव सुभाष
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