इंफाल, सात सितंबर (भाषा) मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार अकेले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को अद्यतन नहीं कर सकती और इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार की भागीदारी जरूरी है।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता के. मेघचंद्र सिंह के सवाल पर कोंथौजम ने कहा, ‘‘एनआरसी का काम राज्य सरकार अपनी मर्जी से नहीं कर सकती। इस प्रक्रिया में भारत सरकार को भी शामिल होना होगा।’’
उन्होंने कहा कि एनआरसी को अद्यतन किए जाने के संबंध में राज्य विधानसभा द्वारा पारित प्रस्तावों से केंद्र सरकार को अवगत करा दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य विधानसभा द्वारा पारित प्रस्तावों के बाद मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग का गठन किया गया। एनआरसी की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है। असम में इसे लागू किया गया था, लेकिन बाद में यह ठंडे बस्ते में चला गया तथा मामला अदालत के समक्ष भी पहुंच गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एनआरसी की प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा किया जाना चाहिए और राज्य सरकार इस मामले में सावधानी बरत रही है, ताकि यह असम में हुई प्रक्रिया जैसी स्थिति में न पहुंच जाए।’’
एनआरसी के आधार वर्ष को लेकर सवाल पर कोंथौजम ने कहा, ‘‘हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इसका आधार वर्ष 1951 होगा।’’
मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग के काम नहीं करने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह काम कर रहा है।’’
चर्चा के दौरान मेघचंद्र ने कहा, ‘‘आधार वर्ष के बिना कानूनी ढांचा तैयार नहीं किया जा सकता। विधानसभा के प्रस्तावों में 1951 के आधार वर्ष का उल्लेख होना चाहिए।’’
कांग्रेस विधायक के. रंजीत सिंह के मई महीने में कामजोंग जिले के सीमावर्ती गांवों पर हुए हमलों से जुड़े सवाल पर कोंथौजम ने कहा कि पुलिस कामजोंग जिले के तीन सीमावर्ती गांवों पर सशस्त्र उग्रवादियों द्वारा किए गए हमलों की जांच कर रही है।
कोंथौजम ने कहा कि इस हमले में एक व्यक्ति घायल हो गया और 23 मकान जला दिए गए।
कोंथौजम ने कहा कि राज्य सरकार ने तीनों गांवों में हुए नुकसान का आकलन किया है और क्षति का अनुमान पांच करोड़ रुपये से अधिक लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इन मकानों के पुनर्निर्माण का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
म्यांमा स्थित विद्रोही संगठन केएनएफ (बी) की हमले और आगजनी में संलिप्तता के सवाल पर मंत्री ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है।
भाषा आशीष दिलीप
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