HDFC Bank MCLR Rates: लोन लेने वालों की बल्ले-बल्ले! इस बैंक ने घटाईं ब्याज दरें, अब कितना सस्ता हुआ कर्ज और क्या है नया MCLR रेट?

Ads

HDFC Bank MCLR Rates: HDFC बैंक ने सितंबर 2026 में MCLR दरों में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर दी है। नई दरें 7 सितंबर से लागू हैं। बदलाव के बाद बैंक की MCLR दरें 7.90% से 8.60% के बीच रहेंगी। इससे ग्राहकों के लिए लोन सस्ता हो सकता है।

  •  
  • Publish Date - September 7, 2026 / 03:55 PM IST,
    Updated On - September 7, 2026 / 03:57 PM IST

(HDFC Bank MCLR Rates/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • HDFC बैंक ने MCLR में 5-10 बेसिस प्वाइंट की कटौती की।
  • नई दरें 7 सितंबर 2026 से लागू हो गई हैं।
  • अब MCLR 7.90% से 8.60% के बीच है।

HDFC Bank MCLR Rates: HDFC बैंक से होम लोन, पर्सनल लोन या अन्य कर्ज लेने वाले ग्राहकों (HDFC Bank MCLR Rates) के लिए राहत की खबर है। बैंक ने सितंबर 2026 में अपनी MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ट लेंडिंग रेट में कटौती की है। अलग-अलग अवधि की MCLR दरों में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट तक की कमी की गई है। नई दरें 7 सितंबर 2026 से लागू हो चुकी है। इस बदलाव के बाद बैंक की MCLR 7.90% से 8.60% के बीच हो गई है।

किस अवधि की MCLR कितनी घटी?

नई दरों के मुताबिक, ओवरनाइट और 1 महीने की MCLR 8% से घटकर (HDFC Bank MCLR Rates) 7.90% हो गई है। 3 महीने की दर 8.15% से कम होकर 8.05% और 6 महीने की दर 8.30% से घटकर 8.25% हो गई है। वहीं, 1 साल की MCLR अब 8.35% है, जो पहले 8.40% थी। 2 साल की दर 8.55% से घटकर 8.45% और 3 साल की दर 8.65% से घटकर 8.60% हो गई है।

सितंबर में नई MCLR दरें

सितंबर 2026 में HDFC बैंक की ओवरनाइट और 1 महीने की MCLR 7.90% है। 3 महीने के लिए यह 8.05%, 6 महीने के लिए 8.25% और 1 साल के लिए 8.35% है। 2 साल की MCLR 8.45%, जबकि 3 साल की दर 8.60% है। यानी सभी सूचीबद्ध अवधियों में 0.05 से 0.10 प्रतिशत अंक तक की कटौती हुई है।

अवधि (Tenure) सितंबर 2026 अगस्त 2026 बदलाव
Overnight ₹ 0.08 ₹ 0.08 ₹ 0.00
1 महीना ₹ 0.08 ₹ 0.08 ₹ 0.00
3 महीने ₹ 0.08 ₹ 0.08 ₹ 0.00
6 महीने ₹ 0.08 ₹ 0.08 ₹ 0.00
1 साल ₹ 0.08 ₹ 0.08 ₹ 0.00
2 साल ₹ 0.08 ₹ 0.09 ₹ 0.00
3 साल ₹ 0.09 ₹ 0.09 ₹ 0.00

MCLR क्या होती है?

MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर है, जिसके आधार पर बैंक लोन की ब्याज दर तय करता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने MCLR व्यवस्था अप्रैल 2016 में लागू की थी। हालांकि, किसी ग्राहक की वास्तविक लोन ब्याज दर केवल MCLR से तय नहीं होती। इसमें बैंक का स्प्रेड, लोन का प्रकार और ग्राहक से जुड़े अन्य मानक भी शामिल हो सकते हैं।

EMI पर क्या होगा असर?

MCLR में कटौती का फायदा (HDFC Bank MCLR Rates) सीधे उन्हीं ग्राहकों को मिल सकता है जिनके लोन की ब्याज दर MCLR से जुड़ी हुई है। EMI में वास्तविक कमी लोन के रीसेट नियम और ग्राहक की मौजूदा ब्याज दर पर निर्भर करेगी। बैंक का बेस रेट 8.70% और BPLR 17.20% सालाना है। FD पर सामान्य ग्राहकों को 2.75% से 6.50% और वरिष्ठ नागरिकों को 3.25% से 7% तक ब्याज मिल रहा है।

इन्हें भी पढ़ें:

HDFC बैंक ने MCLR में कितनी कटौती की है?

बैंक ने अलग-अलग अवधि की MCLR दरों में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की है।

नई MCLR दरें कब से लागू हैं?

HDFC बैंक की संशोधित MCLR दरें 7 सितंबर 2026 से लागू हो गई हैं।

सितंबर 2026 में HDFC बैंक की MCLR कितनी है?

अलग-अलग अवधि के अनुसार MCLR 7.90% से 8.60% के बीच है।

क्या MCLR घटने से EMI कम होगी?

MCLR से जुड़े लोन पर ब्याज दर कम होने से EMI घट सकती है, लेकिन वास्तविक असर लोन के रीसेट नियम और अन्य शर्तों पर निर्भर करेगा।