शिमला, सात सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार मेडिकल अधिकारियों (विशेषज्ञों) को ‘नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस’ (एनपीए) देने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को यह जानकारी दी।
चिकित्सकों को सरकारी नौकरी के साथ निजी प्रैक्टिस नहीं करने के बदले एनपीए दिया जाता है।
उन्होंने राज्य में कैंसर के इलाज से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए 800 करोड़ रुपये खर्च करने की भी घोषणा की।
एक बयान में बताया गया है कि सुक्खू ने यहां स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार मरीजों को राज्य में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार इस बीमारी के इलाज से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत करने के लिए 800 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
मुख्यमंत्री ने कैंसर के इलाज से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत करने के लिए विस्तृत योजना की सिफारिश करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नयी और आधुनिक मशीनों तथा उपकरणों की खरीद कर रही है, ये मशीनें और उपकरण दिल्ली के एम्स में उपलब्ध सुविधाओं के समान होंगे, जिससे जांच और मरीजों की देखभाल की सुविधाओं को बेहतर किया जा सकेगा।
भाषा जोहेब मनीषा
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