कोविड टीकाकरण के बाद मौत के लिए केंद्र को मुआवजे का जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता: सरकार

कोविड टीकाकरण के बाद मौत के लिए केंद्र को मुआवजे का जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता: सरकार

कोविड टीकाकरण के बाद मौत के लिए केंद्र को मुआवजे का जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता: सरकार
Modified Date: November 29, 2022 / 10:01 pm IST
Published Date: November 29, 2022 9:01 pm IST

नयी दिल्ली, 29 नवंबर (भाषा) केंद्र ने उच्चतम न्यायालय में कहा है कि कोविड-19 रोधी टीके लगाये जाने के बाद ‘टीकाकरण पश्चात प्रतिकूल प्रभाव’ (एईएफआई) की किसी घटना से मौत के लिए सरकार मुआवजा देने के लिए जवाबदेह नहीं हो सकती।

केंद्र सरकार देश में कोविड महामारी से निपटने के लिए शुरू से ही जोरशोर के साथ टीकाकरण अभियान चला रही है और ताजा रिपोर्ट के अनुसार देशभर में 219 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।

इस तथ्य के मद्देनजर केंद्र द्वारा शीर्ष अदालत में दायर हलफनामे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कोविड टीकाकरण के बाद कथित रूप से प्रतिकूल प्रभावों से दो लड़कियों की मौत के मामले में उनके माता-पिता की याचिका के जवाब में हलफनामा दाखिल किया गया।

इसमें दावा किया गया कि तीसरे पक्षों द्वारा निर्मित टीकों की सफल नियामक समीक्षा हो चुकी है और सरकार को मुआवजे के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया कानून सम्मत नहीं है।

हलफनामे के अनुसार, ‘‘इन तथ्यों के मद्देनजर पूरी विनम्रता से कहा जाता है कि टीकों के इस्तेमाल से एईएफआई के कारण अत्यंत दुर्लभ मौत के मामलों के लिए सीधे सरकार को मुआवजे के लिए जवाबदेह ठहराना कानूनन सही नहीं है।’’

इसमें कहा गया कि केंद्र ने महामारी द्वारा उत्पन्न अत्यंत चुनौतीपूर्ण हालात के बीच में इससे निपटने के लिए सुरक्षित तथा प्रभावी टीकाकरण कार्यक्रम को चलाने में महत्वपूर्ण प्रयास किये हैं।

याचिकाकर्ताओं की बेटियों की उम्र 19 और 20 साल थी।

भाषा वैभव माधव

माधव


लेखक के बारे में