केंद्र ने ‘ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क’ के आसपास के क्षेत्र के लिए ईएसजेड की अधिसूचना जारी की

केंद्र ने ‘ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क’ के आसपास के क्षेत्र के लिए ईएसजेड की अधिसूचना जारी की

केंद्र ने ‘ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क’ के आसपास के क्षेत्र के लिए ईएसजेड की अधिसूचना जारी की
Modified Date: April 30, 2026 / 04:48 pm IST
Published Date: April 30, 2026 4:48 pm IST

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित ‘ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कंजर्वेशन एरिया (जीएचएनपीसीए) के आसपास के 326.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) घोषित करने के लिए पर्यावरण मंत्रालय ने मसौदा अधिसूचना जारी की है।

ईएसजेड ऐसे क्षेत्रों को कहा जाता है जिन्हें मंत्रालय संरक्षित क्षेत्रों और वन्यजीव अभयारण्यों के चारों ओर अधिसूचित करता है, जिससे आसपास की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके और पर्यावरणीय संतुलन बना रहे।

बुधवार को प्रकाशित मसौदा अधिसूचना में कहा गया, ‘‘ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कंजर्वेशन एरिया के आसपास के क्षेत्र, विस्तार और सीमा को पारिस्थितिक, पर्यावरणीय और जैव विविधता के दृष्टिकोण से पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र के रूप में संरक्षित करना आवश्यक है। संबंधित पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में उद्योगों तथा उनके संचालन और प्रक्रियाओं पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है।’’

मंत्रालय ने हितधारकों से 60 दिनों के भीतर सुझाव आमंत्रित किए हैं।

जीएचएनपीसीए में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (754.40 वर्ग किमी), सैंज वन्यजीव अभयारण्य (90 वर्ग किमी) और तीर्थन वन्यजीव अभयारण्य (61 वर्ग किमी) शामिल हैं।

अधिसूचना के अनुसार, इस क्षेत्र में समृद्ध वनस्पति विविधता पाई जाती है। पिछले एक दशक में किए गए जैव विविधता सर्वेक्षणों में 31 स्तनधारी, 224 पक्षी, 12 सरीसृप, नौ उभयचर और 125 कीट प्रजातियों की पहचान की गई है।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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