जम्मू कश्मीर भी देश के अन्य हिस्सों की तरह समृद्ध बने, इसके लिए केंद्र कर रहा आर्थिक मदद : सीतारमण
जम्मू कश्मीर भी देश के अन्य हिस्सों की तरह समृद्ध बने, इसके लिए केंद्र कर रहा आर्थिक मदद : सीतारमण
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू कश्मीर के लोगों की जरूरतों पर केंद्र सरकार द्वारा पूरा ध्यान दिये जाने का आश्वासन देते हुए कहा कि देश के अन्य हिस्सों की तरह इस केंद्र शासित प्रदेश को भी समृद्ध बनना चाहिए।
उच्च सदन में विनियोग विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने यह बात कही। वित्त मंत्री के जवाब के बाद उच्च सदन ने विनियोग विधेयक को ध्वनिमत से लौटा दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है।
वित्त मंत्री ने चर्चा के दौरान नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य चौधरी मोहम्मद रमजान द्वारा जम्मू कश्मीर के खर्चों से जुड़ा मुद्दा उठाये जाने का जिक्र करते हुए कहा कि 2019 में वहां अनुच्छेद 370 समाप्त किये जाने के पश्चात तथा वहां निर्वाचित सरकार के सत्ता संभालने तक की अवधि के दौरान केंद्र सरकार ने बड़ी उदारता से उसकी देनदारियों को चुकाया और उसकी आर्थिक जरूरतों को पूरा किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहती थी कि जम्मू कश्मीर में निर्वाचित सरकार आने से पहले वहां की वित्तीय एवं राजकोषीय स्थिति को बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय ने विस्तार से सारे विषयों का अध्ययन किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का मानना है कि जम्मू कश्मीर, जिसमें पाक अधिकृत कश्मीर भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग है और इसके नागरिकों का समग्र विकास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस के कर्मियों का वेतन एवं पेंशन केंद्र सरकार वार्षिक तौर पर वहन करती है जो करीब 13 हजार करोड़ रूपये सालाना है।
सीतारमण ने कहा कि जब जम्मू कश्मीर का विभाजन हुआ और इससे लद्दाख को अलग किया गया तो केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के ऋण बोझ का प्रबंधन करते हुए लद्दाख को उसकी देनदारियां चुकायीं।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 तथा 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के बजट के संशोधित अनुमान के अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष 5,000 करोड़ रूपये अतिरिक्त प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह काम जम्मू कश्मीर प्रशासन की मदद के लिए किया गया क्योंकि उनको कोई और सहयोग देने वाला नहीं था।
वित्त मंत्री ने जम्मू कश्मीर के लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी जरूरतों के प्रति पूरा ध्यान दिया जाएगा क्योंकि सरकार चाहती है कि जम्मू कश्मीर भी देश के अन्य हिस्सों की तरह समृद्ध बने।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की तीन पनबिजली परियोजनाओं के लिए 1,350 करोड़ रूपये प्रदान किये गये और यह धनराशि वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 में प्रदान की गयी।
सीतारमण ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष से जम्मू कश्मीर में पूंजीगत संपत्ति सृजन के लिए 5,166.50 करोड़ रूपये विशेष सहायता योजना के तहत प्रदान किए गए। यह सहायता 50 वर्ष तक ब्याज मुक्त अवधि के लिए दी गयी है।
भाषा माधव अविनाश
अविनाश

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