चंदा चोरी विवाद के बाद पहली बार सामने आए चंपत राय

चंदा चोरी विवाद के बाद पहली बार सामने आए चंपत राय

चंदा चोरी विवाद के बाद पहली बार सामने आए चंपत राय
Modified Date: August 4, 2026 / 08:45 pm IST
Published Date: August 4, 2026 8:45 pm IST

अयोध्या (उप्र), चार अगस्त (भाषा) राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पूर्व महासचिव चंपत राय करीब दो महीने पहले राम मंदिर में चढ़ावा के गबन के आरोपों के बाद मंगलवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए और वह यहां तपस्वी छावनी मंदिर गए।

तपस्वी छावनी के मुख्य पुजारी परमहंस आचार्य ने राय का औपचारिक स्वागत किया। दोनों के बीच बंद कमरे में बैठक हुई। हालांकि बातचीत का विवरण सामने नहीं आया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में परमहंस आचार्य ने राम मंदिर निर्माण में राय के योगदान की सराहना की।

उन्होंने कहा, “भव्य राम मंदिर का निर्माण चंपत राय के नेतृत्व में किया गया और उनका समाज में बहुत सम्मान है। साधु-संतों ने राय से अयोध्या में स्थायी रूप से बसने का अनुरोध किया था।”

परमहंस आचार्य ने कहा, “चंपत राय अपनी अंतिम सांस तक अयोध्या में रहेंगे और मैंने लोगों से उनका सम्मान करते रहने की अपील है।”

राम मंदिर से चढ़ावा चोरी का मामला जून के प्रथम सप्ताह में प्रकाश में आया था जिससे राजनीतिक विवाद छिड़ गया और विपक्षी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को संसद और उत्तर प्रदेश विधानसभा में उठाया।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की सिफारिश पर राज्य सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित किया था और इसकी अंतरिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई। दान की गिनती और गबन का षड़यंत्र करने में कथित तौर पर शामिल आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

भाषा सं राजेंद्र

राजकुमार

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