न्यायालय ने तमिलनाडु के जलक्षेत्र से बाहर ‘पर्स सीन’ तरीके से मछली पकड़ने की अनुमति दी

न्यायालय ने तमिलनाडु के जलक्षेत्र से बाहर ‘पर्स सीन’ तरीके से मछली पकड़ने की अनुमति दी

न्यायालय ने तमिलनाडु के जलक्षेत्र से बाहर ‘पर्स सीन’ तरीके से मछली पकड़ने की अनुमति दी
Modified Date: August 4, 2026 / 09:20 pm IST
Published Date: August 4, 2026 9:20 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को तमिलनाडु सरकार से कहा कि मछुआरों को राज्य की क्षेत्रीय समुद्री सीमा से बाहर जाकर ‘पर्स सीन’ तरीके से मछली पकड़ने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन जरूरी अनुमति के साथ केवल विशेष आर्थिक क्षेत्र में ऐसा किया जा सकता है।

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि अगर ‘पर्स सीन’ विधि से मछली पकड़ने वाले मछुआरे राज्य की क्षेत्रीय समुद्री सीमा में राज्य के नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

‘पर्स सीन’ विधि में नाव से जुड़े एक बड़े जाल के जरिये मछलियों के समूह को चारों ओर से घेरकर पकड़ा जाता है।

पीठ ने कहा, “हम राज्य या केंद्र के नियमों का उल्लंघन नहीं होने देंगे, लेकिन साथ ही राज्य मछुआरों को 12 समुद्री मील की उनकी क्षेत्रीय सीमा से बाहर, केंद्र के अधिकार क्षेत्र वाले समुद्री क्षेत्र में ‘पर्स सीन’ तरीके से मछली पकड़ने के लिए जाने से नहीं रोक सकता।”

न्यायालय ने कहा कि वह ‘फिशरमैन केयर’ नामक एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख रहा है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार उन्हें न तो अपनी समुद्री सीमा में और न ही केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र वाले विशेष आर्थिक क्षेत्र में जाकर मछली पकड़ने की इजाजत दे रही।

केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने कहा कि एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी, जिसने कुछ सुझाव दिए थे।

उन्होंने कहा कि इन सुझावों के आधार पर सरकार ने ‘पर्स सीन’ तरीके से मछली पकड़ने को नियंत्रित करने के लिए नियम और कानून बनाए हैं।

नटराज ने कहा कि समुद्र के किनारे से 12 समुद्री मील तक का क्षेत्र राज्य सरकार के अधिकार में आता है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को पार करने के बाद विशेष आर्थिक क्षेत्र शुरू हो जाता है, जो केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।

नटराज ने कहा कि केंद्र सरकार समय-समय पर उन मछुआरों के लिए परमिट जारी करती है, जो नियमों के अनुसार मछली पकड़ना चाहते हैं।

तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने कहा कि ये मछुआरे कई बार राज्य के नियमों का उल्लंघन करते हैं और राज्य की समुद्री सीमा के अंदर ही ‘पर्स सीन’ तरीके से मछली पकड़ते हैं।

पीठ ने नटराज से कहा कि वह अन्य राज्यों की मछली पकड़ने की गतिविधियों की जानकारी दें और यह भी बताएं कि वहां इसके लिए कौन-कौन सी व्यवस्थाएं लागू हैं।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


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