कोट्टायम (केरल), नौ अप्रैल (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के बेटे एवं कांग्रेस उम्मीदवार चांडी ओमन बृहस्पतिवार को विरोध जताने के लिए काले कपड़े पहनकर पुतुप्पल्ली विधानसभा क्षेत्र में अपने परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे ओमन अपनी मां और बहन के साथ मतदान केंद्र पहुंचे। यह 2023 में ओमन चांडी के निधन के बाद पहला विधानसभा चुनाव है।
पुतुप्पल्ली उपचुनाव जीत चुके चांडी ओमन अब संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ), वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच त्रिकोणीय मुकाबले में यूडीएफ के इस गढ़ को अपने पास बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
संवाददाताओं से बातचीत में ओमन ने भावुक होकर कहा कि यह वह दिन है जब पुतुप्पल्ली और केरल के लोग एलडीएफ सरकार के खिलाफ मतदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मेरे विरोध के एक नहीं, कई कारण हैं। एलडीएफ ने विपक्ष व सत्ता में रहते हुए मेरे पिता को दो-तीन साल नहीं, बल्कि नौ वर्षों तक प्रताड़ित किया।”
उन्होंने ‘सोलर मामले’ का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले के पीछे रहे लोगों को एलडीएफ का संरक्षण मिला और यह स्थिति आज तक है।
चांडी ओमन ने कहा, “यह उसी के खिलाफ विरोध है। इसमें कोई संदेह नहीं कि इससे केरल और पुतुप्पल्ली दोनों की भावनाएं आहत हुई हैं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपर्याप्त धनराशि के कारण उनके निर्वाचन क्षेत्र का विकास प्रभावित हुआ।
ओमन ने कहा कि ओमन चांडी द्वारा शुरू की गई कई परियोजनाएं अब भी अधूरी हैं जिनमें एक अस्पताल और पुल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि शबरिमला सोना चोरी मामले जैसी घटनाओं ने भी राज्य को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा, “लोगों के पास विरोध के कई कारण हैं और वे मतदान के दौरान इसे व्यक्त करेंगे।”
चुनाव प्रचार के दौरान ओमन ने फ्लेक्स बोर्ड या पोस्टर का उपयोग नहीं किया और इसके बजाय साइकिल से अकेले ही मतदाताओं के बीच जाकर संपर्क साधा।
पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने पांच दशकों से अधिक समय तक पुतुप्पल्ली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
भाषा खारी मनीषा
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