नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने दक्षिण दिल्ली में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी की 22 वर्षीय पुत्री की हत्या के आरोपी पूर्व घरेलू सहायक पर दुष्कर्म, हत्या और लूटपाट के आरोप तय किए हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंकित सिंगला ने आरोपी राहुल मीणा के खिलाफ आरोप तय किए और अभियोजन पक्ष के सबूत पेश करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सात सितंबर की तारीख तय की। इस तरह इस महीने इस मामले में मुकदमा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। विस्तृत आदेश का इंतजार है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मीणा, जो पहले पीड़ित परिवार के यहां घरेलू सहायक के तौर पर काम कर चुका था, 22 अप्रैल को कथित तौर पर उनके कैलाश हिल्स स्थित घर में एक छुपा कर रखी गयी चाबी का इस्तेमाल करके घुसा। उस समय लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे।
आरोप है कि उसने युवती के साथ मारपीट और दुष्कर्म किया, फिर गला घोंटकर हत्या कर दी और नकदी, गहने तथा मोबाइल फोन लेकर भाग गया।
बाइस साल की युवती ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। घर लौटने पर माता-पिता को वह बेहोश हालत में मिली। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने दुष्कर्म के बाद मोबाइल फोन चार्जिंग केबल से उसका गला घोंट दिया।
घटना के दिन पुलिस की तलाश के बाद मीणा को द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। मजिस्ट्रेट के सामने पहली बार पेशी के दौरान, उसने कथित तौर पर अदालत को बताया था कि उससे ‘‘गलती हो गई’’ और उसने पैसे के लिए यह अपराध किया।
इसके बाद पुलिस ने मीणा के खिलाफ 493 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया जिसमें आरोप लगाया गया कि वह परिवार की दिनचर्या से वाकिफ था और जानता था कि सुबह जब माता-पिता बाहर जाएंगे तो लड़की घर पर अकेली होगी।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि मीणा करीब 40 मिनट तक घर के अंदर रहा और फिर पालम रेलवे स्टेशन की ओर भाग गया, जहां उसने कथित तौर पर दो मोबाइल फोन फेंक दिए।
इस मामले में अमर कॉलोनी थाने में दर्ज प्राथमिकी में दुष्कर्म, हत्या और लूटपाट से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं को शामिल किया गया।
अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि कैलाश हिल्स की घटना से कुछ समय पहले मीणा राजस्थान के अलवर में यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में शामिल था।
भाषा वैभव नरेश
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