नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि दक्षिण दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह की हत्या के मामले में आठ से नौ दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा।
उन्होंने इस घटना में शामिल लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की।
रीजीजू ने बताया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है, जिनमें वे अधिकारी भी शामिल हैं, जो पूर्वोत्तर के लोगों से जुड़े मामलों को देखते हैं, और वह खुद इस जांच पर नजर रखे हुए हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पुलिस ने मुझे भरोसा दिलाया है कि आठ से नौ दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी आरोपियों के खिलाफ मजबूत मामला तैयार करने में ‘‘कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’’
मणिपुर के रहने वाले 54 वर्षीय संगीतकार सी. विक्रम सिंह कई वर्षों से किलोकरी गांव में रह रहे थे। सोमवार सुबह कुछ लोगों ने उन पर उस वक्त कथित तौर पर हमला कर दिया, जब उन्होंने अपने अपार्टमेंट के बाहर शोर मचाने और शराब पीने पर आपत्ति जताई थी। इस घटना में सिंह की मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को पकड़ा है।
रीजीजू ने कहा कि आठों आरोपी अलग-अलग राज्यों से हैं, जिनमें झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार शामिल हैं।
सिंह की मौत को ‘‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताते हुए मंत्री ने कहा कि घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपियों का पता लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।’’
रीजीजू ने कहा कि पुलिस अधिकारी सिंह के परिवार के संपर्क में हैं और उनके शव को बुधवार को विमान से इंफाल ले जाने की व्यवस्था कर ली गई है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताए जाने के संबंध में पूछे जाने पर रीजीजू ने कहा कि इस घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
रीजीजू ने कहा, ‘‘देखिए, यह राजनीति का समय नहीं है। मैं बार-बार यही कह रहा हूं। इसमें भाजपा कहां से आ गई? जब ऐसी कोई घटना होती है और किसी की मौत हो जाती है, तो हमें तुरंत कार्रवाई करने के बारे में बात करनी चाहिए। यह राजनीति करने का विषय नहीं है।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर के सभी लोग इसलिए परेशान हैं, क्योंकि वह (सिंह) मणिपुर से हैं। लेकिन आखिरकार, वह एक भारतीय हैं। हम सभी को इसकी चिंता होनी चाहिए। सिर्फ पूर्वोत्तर ही क्यों? हर भारतीय को चिंता होनी चाहिए। हर जिंदगी कीमती है।’’
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की एक खास इकाई, जो पूर्वोत्तर के लोगों से जुड़े मामलों को देखती है, इस मामले में समन्वय कर रही है। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटनाओं के होने पर पुलिस की ओर से तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए तंत्र मौजूद है।
पुलिस के मुताबिक, सनलाइट कॉलोनी पुलिस थाने को सिंह पर हमले के बारे में सूचना मिली। शुरुआती जांच में पता चला कि मेइती समुदाय के सिंह ने कुछ लोगों के एक समूह को अपने घर के बाहर शोर-शराबा करने से रोका था।
उन लोगों ने कथित तौर पर सिंह पर कई बार घूंसे और मुक्के मारे, जिससे उन्हें चोटें आईं। उनके बेटे याइफाबा उन्हें तुरंत होली फैमिली अस्पताल ले गए, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
आरोपियों की पहचान भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36), मन्नू (26) और एक नाबालिग के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया कि वे अलग-अलग ढाबों और खाने-पीने की चीजों की दुकानों पर काम करते हैं।
भाषा सुभाष दिलीप
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