चेन्नई: निजीकरण के खिलाफ सफाई कर्मचारियों का विरोध तेज
चेन्नई: निजीकरण के खिलाफ सफाई कर्मचारियों का विरोध तेज
चेन्नई, छह जनवरी (भाषा) चेन्नई में सफाई कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन तेज करते हुए सरकार और ग्रेटर चेन्नई निगम (जीसीसी) का ध्यान आकर्षित करने के लिए कूवम नदी में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
नगर निगम द्वारा दो जोन के निजीकरण के फैसले के खिलाफ सफाई कर्मचारी पिछले तीन महीनों से अधिक समय से विरेध प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि कर्मचारियों को यह डर है कि निजीकरण से उनकी नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। कर्मचारी अपनी सेवाओं का पक्का करने की मांग भी कर रहे हैं।
तिरु वी का नगर और रॉयपुरम जोन में ठोस कचरा प्रबंधन का काम निजी कंपनियों को सौंपने के जीसीसी के फैसले के खिलाफ कुछ कर्मचारी हाथों में तख्तियां लिए गंदे नाले में तब्दील हो चुकी कूवम नदी उतरे और नारेबाजी की। इस दौरान महिला कर्मचारी भी मौजूद थीं।
पुलिस ने अग्निशमन और बचावकर्मियों की मदद से नदी में उतरकर प्रदर्शनकारियों को जबरन बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, उन्हें पास के एक सामुदायिक सभागार में ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया।
‘उझिप्पोर उरिमाई इयक्कम’ (श्रमिकों के अधिकारों के लिए आंदोलन) के अध्यक्ष के. भारती ने बताया कि सफाई कर्मचारी पिछले 158 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कब्रिस्तान और समुद्र तट पर भी प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखेंगे।
के. भारती ने कहा, “अगर सरकार हमसे बातचीत करने और हमारी मांगों पर ध्यान देने के लिए तैयार होती है तो हम अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने को तैयार हैं।”
भाषा प्रचेता खारी
खारी

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