छत्तीसगढ़: वेदांता के विद्युत संयंत्र में विस्फोट के बाद कांग्रेस ने सुरक्षा ऑडिट पर सवाल उठाए
छत्तीसगढ़: वेदांता के विद्युत संयंत्र में विस्फोट के बाद कांग्रेस ने सुरक्षा ऑडिट पर सवाल उठाए
सक्ती (छत्तीसगढ़), 16 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ में विपक्षी दल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को सक्ती जिले में स्थित वेदांता विद्युत संयंत्र का दौरा किया और सवाल उठाया कि क्या पिछले साल संयंत्र शुरू होने से पहले ठीक से सुरक्षा ऑडिट किया गया था।
सिंघीतराई गांव स्थित इस संयंत्र में 14 अप्रैल को हुए धमाके में 20 मजदूरों की मौत हो गई थी और 16 अन्य घायल हो गए थे। हादसा उस समय हुआ, जब बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दबाव वाली भाप ले जाने वाला स्टील पाइप फट गया।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में पार्टी की जांच समिति के सदस्य, वरिष्ठ नेता और विधायक भी शामिल थे।
बैज ने संवाददाताओं से कहा कि यह संयंत्र मूल रूप से ‘एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड’ द्वारा बनाया गया था और लगभग 11 वर्षों के अंतराल के बाद वेदांता ने इसका अधिग्रहण किया।
उन्होंने कहा, ‘‘लंबे समय बाद संयंत्र फिर से चालू हुआ। क्या इसे शुरू करने से पहले पूरी तरह जांच की गई थी? क्या बॉयलर सुरक्षा मानकों का पालन हुआ? क्या सिस्टम में जंग या दरारें थीं? ये गंभीर सवाल हैं, जिनके जवाब मिलने चाहिए।’’
बैज ने आरोप लगाया कि राज्य में बार-बार हो रही औद्योगिक दुर्घटनाएं लापरवाही की ओर इशारा करती हैं और दावा किया कि ऐसी घटनाओं में अब तक 300 से अधिक मजदूरों की जान जा चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह लापरवाही है या हत्या? मजदूरों में भय का माहौल है।’’
कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, घायलों के समुचित इलाज तथा मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये और घायलों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
साथ ही, पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार पूर्व मामलों में संयंत्र प्रबंधन को बचाती रही है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही हैं।
इस बीच, राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने संयंत्र का दौरा करने से पहले रायगढ़ के अस्पतालों में भर्ती घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की।
संयंत्र परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए, देवांगन ने कांग्रेस पर इस दुखद घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।
देवांगन ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने भी जांच के लिए एक समिति गठित की है। तकनीकी विशेषज्ञ दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगे और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, मृतकों के परिजनों को रोजगार सहायता देने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
सिंघीतराई में 1,200 मेगावाट क्षमता वाले कोयला-आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट (600 मेगावाट की दो इकाइयां) का निर्माण 2009 में शुरू हुआ था, जिसका मूल स्वामित्व ‘एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड’ के पास था। यह परियोजना 2016 से 2022 के बीच ठप रही। वर्ष 2022 में वेदांता द्वारा अधिग्रहण के बाद 600 मेगावाट की एक इकाई अगस्त 2023 में चालू हो गई, जबकि दूसरी इकाई का निर्माण अभी जारी है।
भाषा संजीव खारी
खारी

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