छत्तीसगढ़ के गांवों में पादरियों के प्रवेश पर ‘रोक’ वाली होर्डिंग के खिलाफ याचिका खारिज

छत्तीसगढ़ के गांवों में पादरियों के प्रवेश पर ‘रोक’ वाली होर्डिंग के खिलाफ याचिका खारिज

छत्तीसगढ़ के गांवों में पादरियों के प्रवेश पर ‘रोक’ वाली होर्डिंग के खिलाफ याचिका खारिज
Modified Date: February 16, 2026 / 09:44 pm IST
Published Date: February 16, 2026 9:44 pm IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के कुछ गांवों में पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश पर कथित रोक से संबंधित होर्डिंग के सिलसिले में उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने इस तरह के होर्डिंग को हटाने के अनुरोध वाली दो अलग-अलग याचिकाओं का पिछले साल अक्टूबर में निपटारा कर दिया था।

उच्च न्यायालय ने शीर्ष अदालत के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा था कि लालच या धोखाधड़ी के जरिये धर्मांतरण पर लगाम लगाने के लिए होर्डिंग लगाने के कदम को असंवैधानिक नहीं कहा जा सकता।

उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता के समक्ष सुनवाई के लिए आई।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने पादरियों पर कथित हमलों से संबंधित एक अलग मामले का हवाला दिया, जो सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय के समक्ष दायर याचिका सीमित थी, लेकिन याचिकाकर्ता ने अब सर्वोच्च न्यायालय में दायर अर्जी में कई नये तथ्य और दस्तावेज शामिल किए हैं।

दलीलें सुनने के बाद पीठ ने याचिका खारिज कर दी।

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश


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