यादवपुर विश्वविद्यालय में भित्तिचित्र को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु ‘गेरुआ सम्मान’ मार्च का नेतृत्व करेंगे
यादवपुर विश्वविद्यालय में भित्तिचित्र को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु ‘गेरुआ सम्मान’ मार्च का नेतृत्व करेंगे
कोलकाता, छह सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी यादवपुर विश्वविद्यालय के गेट तक लगभग तीन किलोमीटर लंबे ‘गेरुआ सम्मान’ मार्च का नेतृत्व करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम का मकसद भगवा रंग से जुड़े मूल्यों, आदर्शों और सम्मान के बारे में जागरूकता फैलाना है।
यह आयोजन यादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभविप) के बीच तीखी नारेबाजी और भित्तिचित्र को लेकर जारी जंग के बीच हो रहा है। इसके पहले दोनों संगठनों के बीच झड़प हुई थी।
विश्वविद्यालय में भित्तिचित्र को लेकर टकराव जारी है और वहां की दीवारों पर लिखे गए नारों और भित्तिचित्र को बार-बार मिटाया और फिर से लिखा जा रहा है। प्रतिद्वंद्वी छात्र संगठन एक-दूसरे के नारों का जवाब अपने-अपने नारों से दे रहे हैं।
‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ उसी जगह से गुजरेगी जहां दो सप्ताह से भी कम समय पहले आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अधिकारी ने हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम के तहत यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर के बाहर 10,000 लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया था।
उस कार्यक्रम में अधिकारी ने वामपंथियों और टीएमसी दोनों पर ‘राष्ट्रवाद को लोगों की सामूहिक चेतना से धीरे-धीरे खत्म करने’ का आरोप लगाया था।
आयोजकों ने बताया कि यह मार्च अपराह्न तीन बजे कोलकाता के दक्षिणी हिस्से में गोलपार्क से शुरू होगा और यादवपुर के 8बी बस अड्डे पर खत्म होगा। यही वह जगह है जहां 28 अगस्त को वंदे मातरम कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
भाषा संतोष प्रशांत
प्रशांत

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