चिरायिनकीझू में हुआ विवाद बातचीत से सुलझाया जा सकता है: कांग्रेस विधायक राम्या
चिरायिनकीझू में हुआ विवाद बातचीत से सुलझाया जा सकता है: कांग्रेस विधायक राम्या
पलक्कड़ (केरलम), सात सितंबर (भाषा) कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास ने सोमवार को कहा कि तिरुवनंतपुरम जिले के चिरायिनकीझू में उनके और पार्टी सदस्यों के बीच हुए विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने पार्टी के अंदर किसी गंभीर विवाद की खबरों को खारिज कर दिया।
यहां एक शादी समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में राम्या ने कहा कि चिरायिनकीझू में जो हुआ, वह ‘‘किसी भी परिवार या पार्टी संगठन’’ में हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी ने कहा है कि इसे बातचीत से सुलझाया जा सकता है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि वह आने वाले दिनों में चिरायिनकीझू जाएंगी।
राम्या के ये बयान केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा चिरायिनकीझू में उनके और पार्टी सदस्यों के बीच हुई झड़प के मामले में दो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निलंबित किए जाने के एक दिन बाद आए हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने दिल्ली जाने के बारे में झूठ बोला था, तो हरिदास ने कहा कि उन्होंने टिकट बुक किया थालेकिन स्वास्थ्य कारणों से यात्रा नहीं कर पाईं।
उन्होंने कहा, ‘‘आप राज्य विधानसभा में पता लगा सकते हैं। मैंने वहां अपनी यात्रा का विवरण दिया था।’’
कांग्रेस नेता एम एम हासन, जो इस घटना की जांच कर रही पार्टी समिति का हिस्सा हैं, ने कथित तौर पर कहा था कि राम्या हरिदास समिति के सामने पेश नहीं हो सकीं क्योंकि उन्हें दिल्ली जाना था।
हालांकि, बताया जाता है कि उसी दौरान हरिदास पलक्कड़ में मौजूद थीं।
दो कार्यकर्ताओं के खिलाफ केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की यह कार्रवाई हासन द्वारा सौंपी गई शुरुआती रिपोर्ट के बाद हुई। हासन को कांग्रेस नेतृत्व ने इस घटना की जांच के लिए नियुक्त किया था।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पलायम प्रदीप और एस सज्जाद को ‘गंभीर संगठनात्मक अनुशासनहीनता’ के कारण पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया।
प्रदीप हरिदास के निजी स्टाफ के सदस्य थे, जबकि सज्जाद कांग्रेस नेता हैं। राम्या ने सज्जाद के घर पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगाया था।
सोमवार को प्रदीप ने पत्रकारों से कहा कि वह विधायक के निजी स्टाफ का हिस्सा थे। उन्होंने किसी को भी धमकाने के आरोपों से इनकार किया।
इस घटना में राम्या को कथित तौर पर चोटें आईं और घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं।
राम्या हरिदास ने आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उन पर हमला किया और उन्हें धमकाया, जबकि जिला पंचायत सदस्य साजित मुट्टमबलम और सज्जाद ने कहा कि विधायक और प्रदीप ने एक व्हाट्सऐप पोस्ट को लेकर उनसे बहस की, जिसके बाद झगड़ा हुआ।
केरल में कांग्रेस की प्रमुख दलित नेता राम्या हरिदास ने शुक्रवार रात हुई घटना के बाद चिरायिनकीझू तालुक अस्पताल में इलाज कराया।
भाषा वैभव नरेश
नरेश

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