सीआईएसएफ की खुफिया शाखा धनबाद के कोयला खदानों में अवैध खनन रोकने में ‘विफल’ रही: बीसीसीएल

सीआईएसएफ की खुफिया शाखा धनबाद के कोयला खदानों में अवैध खनन रोकने में ‘विफल’ रही: बीसीसीएल

सीआईएसएफ की खुफिया शाखा धनबाद के कोयला खदानों में अवैध खनन रोकने में ‘विफल’ रही: बीसीसीएल
Modified Date: April 16, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: April 16, 2026 9:26 pm IST

नयी दिल्ली/रांची, 16 अप्रैल (भाषा) देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी ‘भारत कोकिंग कोल लिमिटेड’ (बीसीसीएल) ने दावा किया है कि झारखंड के धनबाद स्थित कोयला खदानों में अवैध कोयला खनन को रोकने और उसके कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सीआईएसएफ का खुफिया तंत्र ‘‘विफल’’ रहा है तथा इसमें ‘‘गंभीर खामियां’’ हैं।

हालांकि, अर्धसैनिक बल ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

‘मिनीरत्न’ कंपनी ने बल से अपनी अपराध और खुफिया शाखा (सीआईडब्ल्यू) के कामकाज की व्यापक समीक्षा करने और कई पिछली घटनाओं की जांच शुरू करने का अनुरोध किया था, जिनमें कोयला गिरोह के साथ उसके कर्मियों की ‘‘संलिप्तता’’ के आरोप शामिल हैं।

बीसीसीएल के निदेशक-रैंक के एक अधिकारी ने 15 अप्रैल को रांची स्थित सीआईएसएफ पूर्वी सेक्टर मुख्यालय को एक पत्र भेजा जिसमें कहा गया कि संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले खदान क्षेत्र में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की खुफिया शाखा ‘‘लगातार और व्यापक रूप से विफल’’ रही है जो एक ‘‘गंभीर’’ सुरक्षा चिंता का विषय है।

पत्र में हाल ही में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा गया है कि 10 अप्रैल को ब्लॉक-2 खदानों में कथित कोयला माफिया के सदस्यों द्वारा उसके महाप्रबंधक (सुरक्षा) के साथ ‘‘खुलेआम मारपीट’’ की गई थी।

पत्र में दावा किया गया कि यह सीआईएसएफ की विफलता का एक ‘अत्यंत चिंताजनक’ उदाहरण है, क्योंकि सुरक्षाकर्मी उस अधिकारी के साथ थे जब वह सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण कर रहे थे।

सीसीटीवी कैमरों को बार-बार क्षतिग्रस्त किया जा रहा था।

पत्र में लिखा गया, ‘‘यह स्पष्ट रूप से सुरक्षा तंत्र की एक गंभीर विफलता को दर्शाता है और सीएसएफ की तैनाती के बावजूद बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।’’

पुलिस ने इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की है।

हाफिजुल कुरैशी, जीएम (सुरक्षा) ने अपनी शिकायत में कहा कि हालांकि साथ मौजूद सीआईएसएफ की त्वरित प्रतिक्रिया टीम ने मौके पर उनका ‘‘बचाव’’ किया, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता है कि इस तरह की घटना बल कर्मियों की उपस्थिति में हुई।

सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कर्मियों ने तुरंत कुरैशी को बचाया और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि साथ मौजूद सुरक्षा दल ने ‘‘कोई चूक नहीं की।’’

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने 10 अप्रैल की घटना की जांच करने के लिए खदान क्षेत्र का दौरा किया और कोई चूक नहीं पाई। सीआईएसएफ की खुफिया शाखा यह सुनिश्चित कर रही है कि बीसीसीएल खदान क्षेत्र में कोई अपराध न हो और इसके विपरीत किसी भी दावे की जांच की जाएगी।’’

सीआईडब्ल्यू, सीआईएसएफ की एक विशेष टीम है जो महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर खुफिया जानकारी जुटाने और नुकसान को रोकने के लिए जिम्मेदार है।

पत्र में बीसीसीएल ने सुरक्षा बल को यह भी सूचित किया कि नियंत्रण कक्ष से प्राप्त फुटेज में कुसुंडा क्षेत्र में ‘सीआईएसएफ ड्यूटी पॉइंट्स’ के पास खुलेआम ‘‘अवैध’’ कोयला लादे जाते हुए देखा जा सकता है, जो कर्मियों की बाहरी व्यक्तियों के साथ ‘‘संभावित संलिप्तता’’ का संकेत देती है।

भाषा शुभम नरेश शफीक

शफीक


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