सीजेआई ने न्यायिक बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए कोष के संबंध में समिति का गठन किया

सीजेआई ने न्यायिक बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए कोष के संबंध में समिति का गठन किया

सीजेआई ने न्यायिक बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए कोष के संबंध में समिति का गठन किया
Modified Date: May 12, 2026 / 03:51 pm IST
Published Date: May 12, 2026 3:51 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने देश भर की अदालतों के आधुनिकीकरण के लिए खाका तैयार करने और इस उद्देश्य के लिए सरकार से 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये का आवंटन सुनिश्चित करने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है।

प्रधान न्यायाधीश ने अदालतों में बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘न्यायिक अवसंरचना सलाहकार समिति’ के गठन की घोषणा की।

न्यायमूर्ति कुमार के अलावा, समिति में न्यायमूर्ति देबांगसु बसाक, न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेशन शामिल होंगे जो क्रमश: कलकत्ता उच्च न्यायालय, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय और बंबई उच्च न्यायालय से हैं।

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के महानिदेशक और उच्चतम न्यायालय के महासचिव भी इस समिति के सदस्य होंगे।

समिति को इस वर्ष 31 अगस्त तक प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल को अपने विस्तृत निष्कर्ष और वित्त पोषण संबंधी आवश्यकताओं को प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है।

इसमें सात प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनमें व्यवस्थागत बाधाओं की पहचान करना, वादियों और वकीलों के लिए सुविधाओं में सुधार करना और मामलों के निपटारे में तेजी लाने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को लागू करना शामिल है।

यह समिति डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए शुरू की गई ‘‘ई-कोर्ट’’ पहल और 21वीं सदी के अनुरूप ‘‘आधुनिक अदालत परिसरों’’ के निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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