सीजेआई ने उच्चतम न्यायालय की इमारत पर अशोक चक्र लगाने से संबंधित याचिका खारिज की

सीजेआई ने उच्चतम न्यायालय की इमारत पर अशोक चक्र लगाने से संबंधित याचिका खारिज की

सीजेआई ने उच्चतम न्यायालय की इमारत पर अशोक चक्र लगाने से संबंधित याचिका खारिज की
Modified Date: July 28, 2026 / 06:58 pm IST
Published Date: July 28, 2026 6:58 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने अपनी इमारत पर अशोक चक्र स्थापित किये जाने संबंधी याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा कि अदालत इस मामले में खुद फैसला लेगी।

‘बाबा खतरनाक’ के नाम से भी जाने जाने वाले याचिकाकर्ता बदरावाड़ा वेणुगोपाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के गेट पर क्या लगाना है, हम देख लेंगे… दुनिया में इतनी समस्याएं हैं, उनपर ध्यान दीजिए।’

यह याचिका न्यायालय के मुख्य गुंबद पर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चक्र लगाए जाने से जुड़ी थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि अदालतों की अपनी एक संवैधानिक पहचान होती है और राष्ट्रीय चिह्न उसका एक हिस्सा होना चाहिए।

अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, वेणुगोपाल ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस मुद्दे पर निर्देश देने की मांग करते हुए रिट याचिका दायर की थी।

न्यायालय ने 23 मार्च को इस याचिका का निपटारा करते हुए कहा था कि इस मामले पर मूल रूप से प्रशासनिक स्तर पर विचार किया जाना चाहिए। न्यायालय ने अपने महासचिव को निर्देश दिया था कि वह सक्षम प्राधिकारी के सामने इस मामले को रखें।

इसके बाद याचिकाकर्ता ने एक आवेदन दायर कर 23 मार्च के अदालत के प्रशासनिक निर्देशों की स्थिति और उच्चतम न्यायालय के मुख्य गुंबद पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने के संबंध में निर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग की थी।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में