लोकसभा में ‘जेन जेड’ की भाषा के जरिये सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे पर साधा निशाना

लोकसभा में ‘जेन जेड’ की भाषा के जरिये सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे पर साधा निशाना

लोकसभा में ‘जेन जेड’ की भाषा के जरिये सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे पर साधा निशाना
Modified Date: July 28, 2026 / 10:05 pm IST
Published Date: July 28, 2026 10:05 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) भाजपा और शिवसेना के सांसदों ने मंगलवार को लोकसभा में ‘जेन जेड’ की भाषा के जरिये विपक्ष पर निशाना साधा, वहीं विपक्षी राकांपा (शरद पवार) की सदस्य सुप्रिया सुले ने कहा कि 2029 में पता चलेगा कि यह पीढ़ी किसके साथ है।

भाजपा के तेजस्वी सूर्या ने सदन में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि वह ‘जेन जेड’ की भाषा में कहना चाहते हैं कि विपक्ष को लगता है कि आज का युवा उनके साथ है, इससे बड़ा ‘डेलुलू’ दूसरा नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘युवा जानते हैं कि अगर कोई उनके पक्ष में काम कर रहा है तो वह प्रधानमंत्री मोदी और मोदी सरकार है।’’

‘डेलुलू’ एक इंटरनेट स्लैंग (बोलचाल का शब्द) है, जो अंग्रेजी के शब्द ‘डेल्यूजनल’ (भ्रम) से बना है और इसका अर्थ ‘‘ख्याली पुलाव पकाना’’ है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले ने चर्चा में भाग लेते हुए सत्तापक्ष के सदस्यों पर निशाना साधा और कहा, ‘‘ये लोग ‘जेन जेड’ की नयी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं…लेकिन भाजपा के लोगों ने शायद इंस्टाग्राम नहीं देखा। देखा भी होगा तो बोलेंगे नहीं क्योंकि सबके बच्चे हमारी ही ओर हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगली पीढ़ी इनके साथ नहीं, हमारे साथ भी नहीं है। हम जिस ‘डेलुलू’ के बारे में बोल रहे हैं न, आप भी उस ‘डेलुलू’ में न रहना कि कि वे आपके साथ हैं। यह जेनरेशन (पीढ़ी) किसके साथ है वह 2029 में पता चलेगा।’’

वहीं, इससे पहले चर्चा में भाग लेते हुए शिवसेना के श्रीकांत शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे ‘डेलुलू’ हो गया कि प्रदर्शनकारी छात्र उनके साथ आएंगे।

‘जेन जेड’ से अभिप्राय 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी के बच्चों से है।

भाषा

सुभाष अविनाश

अविनाश


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