Junaid Bhai Jantar Mantar : छात्रों को खाना खिलाने की मिली ऐसी सजा? CJP वालंटियर का दावा- पुलिस आंखों पर पट्टी बांधकर रातों-रात मसूरी ले गई

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जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के वालंटियर मोहम्मद जुनैद ने दावा किया है कि 24 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर उत्तराखंड ले गई, पूरी रात पूछताछ की और अगले दिन मसूरी में छोड़ दिया। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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  • Publish Date - July 26, 2026 / 11:25 PM IST,
    Updated On - July 26, 2026 / 11:32 PM IST

Junaid Bhai Jantar Mantar

HIGHLIGHTS
  • CJP वालंटियर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
  • परिवार से पूछताछ और बैंक खातों की जांच कराने का भी आरोप।
  • पुलिस की ओर से आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार।

नई दिल्ली: Junaid Bhai Jantar Mantar :  दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने वाले कार्यकर्ता मोहम्मद जुनैद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। गाजियाबाद के नाहल गांव के रहने वाले और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आंदोलन से एक वालंटियर के रूप में जुड़े जुनैद ने दावा किया है कि 24 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस उन्हें जबरन उठाकर उत्तराखंड ले गई थी।

आंखों पर पट्टी बांध कर रातभर पूछताछ और मसूरी में छोड़ा

जुनैद के अनुसार, उन्हें पूरी रात आंखों पर पट्टी बांधकर रखा गया। अगली सुबह एक अधिकारी ने उनसे पूछा कि जंतर-मंतर पर इतना खाना बांटने के लिए फंडिंग कहां से आ रही है। पूछताछ के बाद पुलिस उन्हें उत्तराखंड के मसूरी में छोड़कर चली गई, जहां से वे 25 जुलाई को कैब करके वापस दिल्ली पहुंचे। जुनैद का यह भी आरोप है कि यूपी पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया और उनके बैंक खातों व दस्तावेजों की जांच की है।

कौन हैं ‘जुनैद भाई’?

जंतर-मंतर पर  CJP के आंदोलन में जुनैद कभी माइक के सामने मुख्य वक्ता के रूप में नहीं दिखे, बल्कि वे पर्दे के पीछे रहकर प्रदर्शनकारियों के लिए खाना, पानी और अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था संभालते थे। आंदोलनकारियों के बीच ‘जुनैद भाई’ के नाम से मशहूर जुनैद उस वक्त सुर्खियों में आए, जब उन्होंने अपने परिवार को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा अन्य मांगों के आश्वासन के बाद यह आंदोलन अब समाप्त कर दिया गया है।

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