केरल विश्वविद्यालय संघ चुनाव परिणामों के बाद झड़पें हुईं, एसएफआई के 50 कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज

केरल विश्वविद्यालय संघ चुनाव परिणामों के बाद झड़पें हुईं, एसएफआई के 50 कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज

केरल विश्वविद्यालय संघ चुनाव परिणामों के बाद झड़पें हुईं, एसएफआई के 50 कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज
Modified Date: May 26, 2026 / 10:43 am IST
Published Date: May 26, 2026 10:43 am IST

तिरुवनंतपुरम, 26 मई (भाषा) केरल विश्वविद्यालय संघ (केएसयू) चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद राज्य की राजधानी में झड़पें शुरू हो गई हैं। एसएफआई नेताओं ने आरोप लगाया है कि केएसयू कार्यकर्ताओं ने चुनाव में शानदार जीत के बाद वामपंथी छात्र संगठन द्वारा निकाली गई विजय यात्रा को निशाना बनाया था। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

विश्वविद्यालय क्षेत्र के पास सोमवार रात को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की विजय यात्रा के दौरान झड़प शुरू हुई।

एसएफआई नेताओं के अनुसार केएसयू कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर यात्रा के दौरान पत्थर फेंके और एक पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाया।

हालांकि, पुलिस ने आरोप लगाया कि एसएफआई कार्यकर्ताओं ने केएसयू कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके और लाठियों से हमला किया जबकि लगभग 20 केएसयू कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर जवाबी में पथराव किया।

पुलिस ने एसएफआई के 10 पहचाने गए कार्यकर्ताओं और 40 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोप लगाया कि एसएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए पथराव के दौरान एक थाना प्रभारी (एसएचओ) के बाएं हाथ की कोहनी के पास की हड्डी टूट गई, जबकि अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने बताया कि तनाव बढ़ने और झड़प के सड़कों पर आ जाने के कारण पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों और लाठीचार्ज का प्रयोग किया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने केरल विश्वविद्यालय संघ की 37 सीट में से 35 सीट जीतकर अपना दबदबा बरकरार रखा।

कांग्रेस के छात्र संगठन, केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) ने चुनाव में दो सीट जीतीं।

बाद में जश्न परिसर के बाहर भी मनाया गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया जिसके चलते इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

राज्यसभा सदस्य और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) नेता ए ए रहीम झड़पों के बाद घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएफआई की इस यात्रा के शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त होने और मीडियाकर्मियों के चले जाने के बाद केएसयू कार्यकर्ताओं ने ‘‘सुनियोजित हमला’’ किया।

उन्होंने दावा किया कि पत्थरबाजी में महिला कार्यकर्ताओं सहित कई एसएफआई कार्यकर्ता घायल हो गए।

रहीम ने पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सड़क पर धरने पर बैठे एसएफआई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया।

पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को बार-बार चेतावनी दी गई कि वे तितर-बितर हो जाएं लेकिन एसएफआई कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हटने से इनकार कर दिया।

इसके बाद उन पर आंसू गैस और पानी की बौछारें छोड़ी गईं।

पुलिस ने आरोप लगाया कि एसएफआई कार्यकर्ताओं ने पत्थर फेंककर पुलिस वाहन के आगे के शीशे को क्षतिग्रस्त कर दिया जिससे केरल सरकार को लगभग 30,000 रुपये का नुकसान हुआ।

पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए ‘‘आवश्यक बल’’ का प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया गया।

आरोपियों पर पुलिसकर्मियों को उनके कर्तव्य निभाने से रोकने और रात लगभग 11:30 बजे तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने का भी आरोप है।

पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के लिए अपने पास मौजूद पत्थरों और लकड़ी के टुकड़ों का इस्तेमाल किया और एक साझा इरादे से मिलकर अपराध किया।

भाषा सुरभि रंजन

रंजन


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