गंगा की स्वच्छता और जैवविविधता संरक्षण राष्ट्रीय प्राथमिकता: सी.आर. पाटिल

गंगा की स्वच्छता और जैवविविधता संरक्षण राष्ट्रीय प्राथमिकता: सी.आर. पाटिल

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 09:38 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 09:38 PM IST

देहरादून, 13 जनवरी (भाषा) केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने गंगा नदी को भारत की सांस्कृतिक, पारिस्थितिकीय और आर्थिक जीवनरेखा बताते हुए मंगलवार को कहा कि नदी की स्वच्छता और जैवविविधता का संरक्षण राष्ट्रीय प्राथमिकता है।

यहां भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) में आयोजित एक कार्यक्रम में पाटिल ने कहा कि संस्थान परिसर में राष्ट्रीय नदी अनुसंधान केंद्र का लोकार्पण किया गया है, जो भारत में नदी संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन और जैवविविधता संवर्द्धन के राष्ट्रीय प्रयासों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा।

उन्होंने संस्थान से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्ताओं और विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व के लिए बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यहां से शुरू हुए ये अभिनव प्रयास नयी ऊंचाइयों को छुएंगे और सिमटती जैवविविधता के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करेंगे।

जलीय जैवविविधता संरक्षण एवं अनुश्रवण केंद्र के नाम से भी पहचाने जाने वाला राष्ट्रीय नदी अनुसंधान केंद्र भारत में नदियों और मीठे पानी के पारिस्थितिकीय तंत्रों से संबंधित वैज्ञानिक ज्ञान को सुदृढ़ करने और उनके संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान गंगा में जलीय जीवों के संरक्षण और आपातकालीन बचाव कार्यों को सुदृढ़ करने के लिए एक ‘डॉल्फिन रेस्क्यू वैन’ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

भाषा दीप्ति खारी

खारी