सीएमआरएल मामला : ईडी जांच के निष्कर्षों के बाद भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष पद से विजयन का इस्तीफा मांगा
सीएमआरएल मामला : ईडी जांच के निष्कर्षों के बाद भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष पद से विजयन का इस्तीफा मांगा
कोच्चि, 20 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सीएमआरएल धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद पिनराई विजयन से केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने की बृहस्पतिवार को मांग की। इस मामले में उनकी बेटी वीणा टी. कथित रूप से शामिल हैं।
भाजपा की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी का रुख है कि विजयन को पद से इस्तीफा देना चाहिए।
जॉर्ज ने कहा कि वह वही बात दोहरा रहे हैं जो विजयन ने 2011-2016 की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के समय कही थी।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर थोड़ी भी शर्म बची है तो पिनराई विजयन को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटने के लिए तैयार रहना चाहिए।’’
जॉर्ज ने आरोप लगाया कि अब सामने आ रही जानकारी के अनुसार, 1996 में विजयन के बिजली मंत्री बनने से लेकर आज तक पिछले 30 वर्ष के लेनदेन से जुड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘वीणा की हर कंपनी, यहां तक कि एक कमरे की इमारत से संचालित होने वाली नवीनतम कंपनी ‘लेकर इंडिया’ भी केवल विजयन के भ्रष्टाचार को छिपाने और उनके लेनदेन को आसान बनाने के लिए बनाई गई। इनमें से कोई भी कंपनी काम नहीं कर रही है।’’
उन्होंने दावा किया कि भारत से खाड़ी देशों में भेजा गया पैसा बाद में अमेरिका भेजा गया।
जॉर्ज ने कहा, ‘‘इसके पर्याप्त सबूत हैं… जैसा कि मैंने बताया, अबू धाबी कमर्शियल बैंक से संबंधित विवरण सामने आए हैं।’’
उन्होंने कहा कि यदि विजयन इस्तीफा नहीं देते हैं तो वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को उन्हें पद से हटा देना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) आमतौर पर हर मुद्दे की जांच करती है, है न? अगर माकपा इस मामले में पार्टी स्तर पर जांच करती है तो हम उस जांच के लिए सबूत सौंपने को तैयार हैं।’’
उन्होंने सवाल किया कि कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने कोई सेवा लिए बिना वीणा को धन क्यों दिया।
जॉर्ज ने कहा, ‘‘जब पिता मुख्यमंत्री के पद पर हों और बेटी की कंपनी को बिना कोई सेवा दिए पैसा दिया जाए और फिर भी आपको यह समझ में न आए कि विजयन इस मामले में आरोपी हैं, तो सुनने वालों में ही कुछ गड़बड़ है। इसके अलावा मेरे पास कहने को कुछ नहीं है।’’
जॉर्ज ने आरोप लगाया कि वीणा को बिना कोई सेवा दिए मिला सारा धन विजयन का था।
उन्होंने कहा कि केरल से थोरियम की किसी भी तरह की तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला होगी।
जॉर्ज ने कहा, ‘‘मैंने यह कहा था कि यहां थोरियम है, जिसका इस्तेमाल यूरेनियम बनाने में किया जा सकता है, यहां मोनाजाइट है। वह कच्चा पदार्थ है। क्या उसकी तस्करी की गई? यह ऐसा विषय है जिसकी बहुत गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मुद्दा है।’’
जॉर्ज ने यह भी कहा कि उन्होंने जांच के किसी भी चरण में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से संपर्क नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरा सवाल है, यह मेरी विश्वसनीयता का मामला है। वरना कल वे क्या कहेंगे? यह राजनीतिक है, बदले की कार्रवाई है, है न? मैं इनमें से कुछ भी नहीं सुनना चाहता।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या हवाला के जरिये केवल 85 लाख रुपये विदेश भेजे गए थे, जॉर्ज ने कहा कि आगे और विवरण सामने आएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं शुरू से कहता रहा हूं कि मामला केवल 2.78 करोड़ रुपये का नहीं है। रकम इससे कहीं अधिक है… जैसा कि मैंने कहा, मुझे व्यक्तिगत रूप से विश्वास है कि इन सभी आरोपी कंपनियों से अबू धाबी कमर्शियल बैंक के खाते में पैसा गया है।’’
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को एक बयान में कहा था कि उसने मई में वीणा से जुड़े परिसरों पर छापेमारी के दौरान कुछ ‘‘हस्तलिखित’’ नोट जब्त किए थे जिनमें दुबई में धन के कुछ हस्तांतरण का विवरण था।
एजेंसी ने यह भी दावा किया था कि इन छापों के दौरान वीणा से जब्त डिजिटल उपकरणों में एक सिम कार्ड की तस्वीर मिली जो कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर लिया गया था
ईडी ने कहा था कि वीणा ने इंटरनेट के जरिये फोन कॉल करने के लिए इस सिम कार्ड का कथित तौर पर इस्तेमाल किया था।
धनशोधन का यह मामला केरलम की खनन कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ से संबंधित है। वीणा ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ की प्रवर्तक थीं।
जांच इन आरोपों से जुड़ी है कि सीएमआरएल ने कोई सेवा प्राप्त किए बिना ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा

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