कॉजपा सोमवार को केंद्र के आश्वसनों की स्थिति की समीक्षा करेगी, आंदोलन के विकल्प को खुला रखा

कॉजपा सोमवार को केंद्र के आश्वसनों की स्थिति की समीक्षा करेगी, आंदोलन के विकल्प को खुला रखा

कॉजपा सोमवार को केंद्र के आश्वसनों की स्थिति की समीक्षा करेगी, आंदोलन के विकल्प को खुला रखा
Modified Date: August 23, 2026 / 05:52 pm IST
Published Date: August 23, 2026 5:52 pm IST

नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने सोमवार को अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाई है, जिसमें 25 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन वापस लेने के बाद केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

कॉजपा का कहना है कि सरकार ने अभी तक उन आश्वासनों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में औपचारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है।

कॉजपा ने कहा कि वादों को पूरा कराने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा, जिसमें देश भर में फिर से शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करने का विकल्प भी शामिल है।

इसमें कहा गया, ‘‘कॉजपा ने सद्भावना से अपना आंदोलन वापस लिया, क्योंकि सरकार ने देश के युवाओं से वादा किया था। लेकिन वह उस अच्छे मंशा को ‘कमजोरी’ समझने की गलती नहीं होने देगी।’’

कॉजपा ने छात्रों, युवा नागरिकों, अपने समर्थकों और स्वयंसेवकों से सोमवार को होने वाली बैठक के नतीजों के लिए तैयार रहने का भी आह्वान किया।

कॉजपा ने यह घोषणा उच्चतम न्यायालय द्वारा 18 अगस्त को देश भर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की एक संयुक्त सूची मांगे जाने के कुछ दिनों बाद की है।

कॉजपा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने केंद्र से तीन बार वह सूची देने को कहा था, ताकि वह मुकदमों को रद्द करने के लिए अनुच्छेद-142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने पर विचार कर सके।

पार्टी ने कहा, ‘‘अदालत द्वारा बार-बार यह सूची मांगे जाने के बावजूद, केंद्र सरकार ने इसे उपलब्ध कराने का कोई वादा नहीं किया।’’

अदालत की सुनवाई के तुरंत बाद, कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास और कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र के वादों के आधार पर संगठन ने अपना आंदोलन वापस ले लिया, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि युवा पीढ़ी को ‘धोखा’ दिया जा रहा है।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


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