तमिलनाडु सरकार के मंत्री ने विधायकों को कार देने के फैसले का बचाव किया

तमिलनाडु सरकार के मंत्री ने विधायकों को कार देने के फैसले का बचाव किया

तमिलनाडु सरकार के मंत्री ने विधायकों को कार देने के फैसले का बचाव किया
Modified Date: August 23, 2026 / 08:38 pm IST
Published Date: August 23, 2026 8:38 pm IST

मदुरै (तमिलनाडु), 23 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने सभी विधायकों को सरकारी कार और उससे जुड़े भत्ते देने के राज्य सरकार के फैसले का रविवार को बचाव किया और कहा कि विपक्षी विधायक इन वाहनों को इसलिए ठुकरा रहे हैं, क्योंकि वे इसे “छोटा लक्ष्य” मानते हैं।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में घोषणा की थी कि प्रत्येक विधायक को सरकारी कार दी जाएगी। इसके अलावा ईंधन और रखरखाव के लिए हर महीने 75,000 रुपये तथा सहायक के खर्च के लिए 25,000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा।

ऊर्जा संसाधन एवं कानून मंत्री कुमार ने दावा किया, “जो लोग विधायक बनने के लिए 30 या 40 करोड़ रुपये खर्च कर चुके हैं, उनके लिए एक कार कोई बड़ी बात नहीं है। उनके लिए यह छोटा लक्ष्य है।”

उन्होंने सभी 234 विधायकों को सरकारी वाहन और भत्ते देने के फैसले का बचाव किया। इससे सरकार पर करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है।

अब तक द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), पट्टाली मक्कल कच्ची (पीएमके) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के विधायकों ने राज्य पर बढ़ते कर्ज का हवाला देते हुए सरकार की ओर से दिए जाने वाले वाहन और भत्ते लेने से इनकार किया है।

कुमार ने कहा कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए अपने विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करने और लोगों की समस्याओं को सीधे समझने के लिए सरकारी वाहन जरूरी हैं।

मुथंगुलम गांव में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने सरकारी कारों का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई मौजूदा और पूर्व विधायकों के पास कई निजी वाहन हैं, लेकिन वे दूरदराज के गांवों में शायद ही कभी जाते हैं।

उन्होंने सवाल किया, “अगर कोई निर्वाचित प्रतिनिधि पांच या दस साल तक अपने क्षेत्र के किसी गांव में कदम ही नहीं रखता, तो उसके पास 10 या 15 निजी कारें होने का क्या फायदा है?”

उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को भी खारिज किया कि राज्य सरकार विपक्षी विधायकों और पूर्व मंत्रियों से बदला ले रही है।

कुमार ने कहा, “लोगों ने उन्हें वोट न देकर पहले ही उनसे बदला ले लिया है। इसलिए उनके खिलाफ बदला लेने की कोई जरूरत नहीं है। अगर भ्रष्टाचार है या कोई गलत काम हुआ है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों और कानूनी कार्रवाई में ठोस सबूतों और अदालत के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाता है। मंत्री ने मुथंगुलम गांव के लिए नई सरकारी बस सेवा को रवाना करने के दौरान ये बातें कहीं। यह गांव तिरुप्पुवनम विधानसभा क्षेत्र में आता है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण पहले 250 से अधिक परिवारों को गांव छोड़कर जाना पड़ा था। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा और आवागमन की समस्याओं के कारण कई छात्राओं ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी।

कुमार ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के मदुरै के तत्काल दौरे की खबरों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा का सत्र चल रहा है और मुख्यमंत्री के मदुरै दौरे का अभी कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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