बर्फीली हवाओं की वजह से दिल्ली में कड़ाके की ठंड, आंदोलनरत किसान नहीं हुए टस से मस

बर्फीली हवाओं की वजह से दिल्ली में कड़ाके की ठंड, आंदोलनरत किसान नहीं हुए टस से मस

  •  
  • Publish Date - December 18, 2020 / 05:06 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:54 PM IST

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (भाषा) । पश्चिमी हिमालय से चली बर्फीली हवाओं की वजह से दिल्ली में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और शुक्रवार ‘बेहद ठंडा’ दिन हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी।

बृहस्पतिवार को शहर में ‘बेहद ठंडा’ दिन रहा क्योंकि अधिकतम तापमान गिरकर 15.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो कि सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस कम है और इस मौसम का यह अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान है।

ये भी पढ़ें- किसान आंदोलन : अमित शाह ने भाजपा मुख्यालय में तोमर, गोयल, सीतारमण स…

मौसम से संबंधित शहर के आंकड़े मुहैया कराने वाली सफदरजंग वेधशाला ने न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। वहीं पालम स्टेशन ने न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।

‘‘ठंडा दिन’’ उसे कहते हैं जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम होता है और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे होता है। वहीं ‘बेहद ठंडा दिन’ तब होता है जब अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे हो।

आईएमडी ने बताया कि शनिवार को दिल्ली में ‘शीत लहर’ चलने का पूर्वानमान है और इसके सोमवार तक जारी रहने की संभावना है।

ये भी पढ़ें- सरकार मुद्दों का हल करने के लिए किसानों के साथ बात करने को इच्छुक ह…

आईएमडी मैदानी इलाकों के लिए शीत लहर की घोषणा तब करता है जब न्यूनतम तापमान लगातार दो दिन तक 10 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे हो और सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस कम हो। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली जैसे छोटे इलाकों के लिए शीत लहर की घोषण तब भी की जा सकती है जब उक्त स्थितियां एक दिन के लिए भी बन जाएं। बता दें कि कड़ाके की ठंड के बीच किसान दिल्ली की सीमा पर जमे हुए हैं। सरकार ने किसानों से घर लौटने की अपील की है।

वहीं किसान ठंड से बचने के उपाय करने में भी जुटे हुए हैं।