चिकित्सा पेशे में करुणा का भाव सर्वोपरि रहना चाहिए: केंद्रीय मंत्री नड्डा
चिकित्सा पेशे में करुणा का भाव सर्वोपरि रहना चाहिए: केंद्रीय मंत्री नड्डा
चंडीगढ़, 30 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रौद्योगिकी अब चिकित्सा के भविष्य को आकार दे रही है, लेकिन करुणा की अपनी ताकत है और इसे चिकित्सा पेशे का केंद्रबिंदु बने रहना चाहिए।
नड्डा यहां स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) के 39वें दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे।
विभिन्न चिकित्सा विषयों में कुल 682 स्नातकों को डिग्री प्रदान की गई, जबकि उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों वाले मेधावी छात्रों को 95 पदक प्रदान किए गए।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. विनोद के. पॉल और पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल भी उपस्थित थे।
नड्डा ने कहा कि प्रौद्योगिकी अब चिकित्सा के भविष्य को आकार दे रही है, लेकिन करुणा की अपनी शक्ति है और इसे चिकित्सा पेशे का केंद्रबिंदु बने रहना चाहिए।
भारत के स्वास्थ्य सेवा तंत्र में पीजीआईएमईआर के योगदान की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘पीजीआईएमईआर चिकित्सा शिक्षा, रोगी देखभाल और अनुसंधान उत्कृष्टता के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है।’’
नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने स्वास्थ्य सेवा सहित सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व छलांग लगाई है।
भाषा नेत्रपाल सुभाष
सुभाष

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