प्रयागराज कुंभ में भगदड़ के पीड़ितों को मुआवजा मेला प्राधिकरण तय करेगा

प्रयागराज कुंभ में भगदड़ के पीड़ितों को मुआवजा मेला प्राधिकरण तय करेगा

प्रयागराज कुंभ में भगदड़ के पीड़ितों को मुआवजा मेला प्राधिकरण तय करेगा
Modified Date: April 30, 2026 / 11:18 pm IST
Published Date: April 30, 2026 11:18 pm IST

प्रयागराज, 30 अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रयागराज महाकुंभ मेले में 29 जनवरी, 2025 को हुई भगदड़ के पीड़ितों के मुआवजे के दावे पर जिला प्रशासन और मेला प्राधिकरण 30 दिनों के भीतर निर्णय करेंगे ना कि राज्य द्वारा नियुक्त न्यायिक जांच आयोग।

उक्त आदेश संजय कुमार शर्मा नाम के व्यक्ति द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की पीठ ने पारित किया। शर्मा ने महाकुंभ भगदड़ में अपने एक रिश्तेदार की मौत के बाद मुआवजे की मांग की थी।

न्यायिक जांच आयोग के सचिव द्वारा दाखिल हलफनामे पर गौर करने के बाद पीठ ने कहा, आयोग के सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मुआवजे के प्रत्यावेदन पर निर्णय, न्यायिक जांच आयोग के दायरे से बाहर है।

अदालत ने कहा कि ना तो अपर महाधिवक्ता और ना ही राज्य सरकार के पैनल के वकील ने भगदड़ की घटना से इनकार किया है।

अदालत ने कहा कि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को लेकर राज्य सरकार की स्वीकारोक्ति को देखते हुए आयोग को इस बात की जांच करने की जरूरत नहीं है कि भगदड़ की घटना हुई या नहीं।

मुआवजे की प्रक्रिया को दुरुस्त करने के लिए पीठ ने मेला प्राधिकरण के लिए कुछ सिद्धांत बनाए जैसे मुआवजे का प्रत्येक दावा जिला प्रशासन के समक्ष करना होगा, मेलाधिकारी को किसी व्यक्ति की मृत्यु या उसके संपत्ति के नुकसान का सत्यापन करना होगा आदि।

अदालत ने 13 अप्रैल के अपने निर्णय में मेलाधिकारी को प्रत्यावेदन के 30 दिनों के भीतर मुआवजे के दावे पर अंतिम निर्णय करने का निर्देश दिया।

भाषा सं राजेंद्र शोभना

शोभना


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