नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमसीटी) ने 2021 में एक सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 54 वर्षीय सैन्यकर्मी के परिवार को 69.61 लाख रुपये का मुआवजा दिये जाने का आदेश दिया है।
पीठासीन अधिकारी अंजनि महाजन दिवंगत सैन्यकर्मी बाल किशन की पत्नी और चार बच्चों द्वारा दायर की गयी दावा याचिका की सुनवाई कर रही थीं।
बाल किशन 29 अक्टूबर 2021 की दोपहर को अपनी मोटरसाइकिल से अंधोप पलवल से सिहोल पलवल जा रहे थे। चंदहट के किदवारी के पास पहुंचते ही एक ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे उन्हें (सैन्यकर्मी को) गंभीर चोटें आईं। उन्हें पलवल के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हादसे के दौरान ट्रक को उसका चालक लापरवाही से चला रहा था।
न्यायाधिकरण ने 20 फरवरी को जारी अपने आदेश में कहा, ‘‘याचिकाकर्ताओं ने प्रबल संभावनाओं के आधार पर यह साबित कर दिया है कि इस दुर्घटना के लिए जो वाहन जिम्मेदार है उसे लापरवाही और तेज गति से चलाया जा रहा था, फलस्वरूप यह हादसा हुआ।’’
अदालत ने यांत्रिक निरीक्षण रिपोर्ट पर गौर किया जिसमें पाया गया कि दुर्घटना में शामिल वाहन के आगे के बाएं टायर पर खून के धब्बे थे।
अदालत ने वाहन के चालक और मालिक से अपेक्षा की कि यदि ये खून के धब्बे दुर्घटना के कारण नहीं थे, तो वे इसके पीछे की परिस्थितियों का स्पष्टीकरण दें। हालांकि, चालक और मालिक दोनों ही अपने बचाव में कोई सबूत पेश करने में विफल रहे।
इसके अलावा, वाहन चालक दुर्घटना की परिस्थितियों के बारे में स्पष्टीकरण देने से पीछे हट गया और गवाह के रूप में पेश होने से बचता रहा। अंततः, इससे न्यायाधिकरण ने उसके और वाहन मालिक के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला।
न्यायाधिकरण ने मृतक के परिवार को विभिन्न मदों के तहत 69.61 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। सभी पांच दावेदार मृत व्यक्ति पर आश्रित पाए गए।
भाषा
राजकुमार रंजन
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