आवश्यक तत्वों से समझौता करना ‘बिल्कुल अनुचित’ : सूरजकुंड मेला हादसा पर मानवाधिकार आयोग

आवश्यक तत्वों से समझौता करना 'बिल्कुल अनुचित' : सूरजकुंड मेला हादसा पर मानवाधिकार आयोग

आवश्यक तत्वों से समझौता करना ‘बिल्कुल अनुचित’ : सूरजकुंड मेला हादसा पर मानवाधिकार आयोग
Modified Date: February 19, 2026 / 07:50 pm IST
Published Date: February 19, 2026 7:50 pm IST

चंडीगढ़, 19 फरवरी (भाषा) हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हाल ही में संपन्न सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में झूले के गिरने की घातक घटना और वहां ‘कमियों’ का संज्ञान लेते हुए कहा कि किसी भी मेले या बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम को बहुविषयक तकनीकी समिति के प्रमाणीकरण के बिना अनुमति नहीं दी जाएगी।

आयोग ने राज्य सरकार और सभी संबंधित अधिकारियों से जनसभाओं में सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं करने का सख्त रुख अपनाने का आह्वान किया है। सूरजकुंड मेले में सात फरवरी को दुर्घटना हुई थी। घटना के समय करीब 19 लोग एक झूले पर सवार थे जो टूटकर जमीन पर गिर पड़ा।

वहां ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक जगदीश प्रसाद (59) की फंसे हुए लोगों को बचाने के दौरान मौत हो गई। इस हादसे में बारह अन्य लोग घायल हो गए।

न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता वाले आयोग ने 12 फरवरी को एक आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

झूला गिरने की घटना की मीडिया में आई खबर और मेले के दौरान देखी गई “प्रणालीगत कमियों” का स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने कहा है कि बहुविषयक तकनीकी समिति के पूर्व-प्रमाणन के बिना किसी भी मेले, त्योहार या बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम को शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आयोग ने कहा कि यह तकनीकी समिति अभियंताओं, विद्युत सुरक्षा विशेषज्ञों, अग्निशमन अधिकारियों और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को शामिल कर गठित की जानी चाहिए, ताकि ऐसे आयोजनों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।

एचएचआरसी के सहायक पंजीयक पुनीत अरोड़ा ने कहा कि आयोग ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।

आयोग ने फरीदाबाद के उपायुक्त को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिसमें जांच समिति के निष्कर्ष, दर्ज प्राथमिकी की स्थिति तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण शामिल हो।

इसके अलावा, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पुलिस निरीक्षक जगदीश प्रसाद की मृत्यु की परिस्थितियों, उनके आश्रितों को दी गई या प्रस्तावित मुआवजा राशि तथा बड़े सार्वजनिक आयोजनों में तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

आयोग ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले निरीक्षक को मरणोपरांत सम्मान देने पर भी विचार करने की सिफारिश की है।

भाषा

राखी अविनाश

अविनाश


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