अनियंत्रित ओटीटी सामग्री, स्मार्टफोन की लत एवं बच्चों में मायोपिया पर राज्यसभा में जताई गई चिंता

अनियंत्रित ओटीटी सामग्री, स्मार्टफोन की लत एवं बच्चों में मायोपिया पर राज्यसभा में जताई गई चिंता

अनियंत्रित ओटीटी सामग्री, स्मार्टफोन की लत एवं बच्चों में मायोपिया पर राज्यसभा में जताई गई चिंता
Modified Date: February 2, 2026 / 10:35 pm IST
Published Date: February 2, 2026 10:35 pm IST

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को सदस्यों ने ओटीटी मंचों पर अनियंत्रित सामग्री, स्कूली बच्चों में स्मार्टफोन की बढ़ती लत और देश में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की।

राजद सदस्य एडी सिंह ने आपत्तिजनक ओटीटी सामग्री की निगरानी के लिए एक वैधानिक निकाय की मांग की।

सिंह ने विशेष उल्लेख के जरिये यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूरे देश में मनोरंजन और सूचना प्रसार का प्रमुख माध्यम बन चुके ओटीटी मंच पर ‘‘अनियंत्रित और आपत्तिजनक सामग्री’’ प्रसारित की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हिंसा, अश्लीलता, सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने या राष्ट्रीय और धार्मिक प्रतीकों का अपमान करने वाली सामग्री के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि कमजोर शिकायत निवारण तंत्र और जवाबदेही की कमी के कारण सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल मीडिया आचार संहिता नियम 2021 काफी हद तक अप्रभावी रहे हैं।

सिंह ने कहा कि कई मंच उचित प्रमाणन या प्रभावी निगरानी के बिना ही काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार से मौजूदा नियामक ढांचे की समीक्षा करने, ओटीटी सामग्री की निगरानी के लिए एक वैधानिक निकाय स्थापित करने, समयबद्ध शिकायत निवारण तंत्र सुनिश्चित करने और सभी हितधारकों, सामग्री निर्माताओं, प्रसारकों और नागरिक समाज के साथ आयु वर्गीकरण के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश तैयार करने का आग्रह करता हूं, ताकि एक संतुलित ढांचा तैयार किया जा सके जो स्वतंत्रता सुनिश्चित करते हुए सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करे।”

भाजपा के लहर सिंह सिरोया ने विशेष रूप से स्कूली बच्चों में स्मार्टफोन की बढ़ती लत को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा, सामाजिक संपर्क और मानसिक स्वास्थ्य को भी कमजोर कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अनियंत्रित आदत अब विनाशकारी रूप ले रही है, क्योंकि नशे का खतरा एकाग्रता और सामाजिक विकास को प्रभावित कर रहा है।” उन्होंने इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

उन देशों का उदाहरण देते हुए, जिन्होंने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को व्यसनकारी एल्गोरिदम, हानिकारक सामग्री और ‘‘साइबरबुलिंग’’ से बचाने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है, उन्होंने कहा, “हमें भी स्मार्टफोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग को सीमित करने की आवश्यकता है।”

भाजपा के अजीत माधवराव गोपचडे ने बच्चों और युवाओं में मायोपिया के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की। उनकी ही पार्टी के शंभू शरण पटेल ने सरकार से बिहार में एक आयात-निर्यात केंद्र खोलने का आग्रह किया, जिससे वहां के किसानों को अपनी उपज बेचने और बेहतर कीमत पाने में मदद मिल सके।

द्रमुक सदस्य ए. के. विल्सन ने तमिलनाडु के होसुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को मंजूरी देने का अनुरोध किया।

भाजपा के दोरजी शेरिंग लेपचा ने सिक्किम के प्रसिद्ध सिरी नस्ल की गाय के संरक्षण की मांग की। वहीं द्रमुक सदस्य राजथी ने सरकार से स्कूलों में नाश्ते सहित दो वक्त का भोजन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

भाजपा के बृज लाल ने प्रदूषण रहित और टिकाऊ भूतापीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

भाषा अविनाश सुरेश

सुरेश


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