प. एशिया में संघर्ष का असर दिल्ली में चिकित्सा पर्यटन पर, विदेशी मरीजों की संख्या 30 प्रतिशत कम हुई
प. एशिया में संघर्ष का असर दिल्ली में चिकित्सा पर्यटन पर, विदेशी मरीजों की संख्या 30 प्रतिशत कम हुई
(वर्षा सागी)
नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चिकित्सा पर्यटन पर नकारात्मक असर पड़ा है। दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में अंतरराष्ट्रीय मरीजों की संख्या में औसतन लगभग 30 प्रतिशत की कमी देखी गई है।
विशेषज्ञों ने कहा कि पश्चिम एशिया से आने वाले मरीजों की संख्या सबसे अधिक प्रभावित हुई है, जिससे अस्पतालों के राजस्व पर असर पड़ा है। चिकित्सा विशेषज्ञों और शहर के अस्पतालों ने कहा कि यह क्षेत्र परंपरागत रूप से राजधानी में चिकित्सा पर्यटन का सबसे बड़ा स्रोत रहा है।
दक्षिण दिल्ली स्थित पुष्पावती सिंघानिया अस्पताल एवं अनुसंधान संस्थान (पीएसआरआई) के मुख्य विपणन अधिकारी रत्नेश सिन्हा ने कहा, ‘‘इराक और अन्य पश्चिम एशियाई देशों से हमारे अंतरराष्ट्रीय मरीजों की संख्या तथा राजस्व का लगभग 25-30 प्रतिशत हिस्सा आता है। परिणामस्वरूप, मौजूदा अस्थिरता ने हमारे समग्र अंतरराष्ट्रीय संचालन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाला है।’’
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने से पश्चिम एशिया में भीषण संघर्ष छिड़ गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में यात्रा और संपर्क बाधित हो गया है।
उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हमने इस क्षेत्र से, मुख्य रूप से इराक, ओमान और पड़ोसी देशों से आने वाले रोगियों की संख्या पर प्रभाव देखा है, जहां से रोगी आमतौर पर नियोजित प्रक्रियाओं के लिए यात्रा करते हैं।’’
वैदम हेल्थ के सह-संस्थापक पंकज चांदना ने दिल्ली-एनसीआर को चिकित्सा पर्यटन के लिए, विशेष रूप से पश्चिम एशिया के रोगियों के वास्ते सर्वाधिक पसंदीदा स्थलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, इराक, ओमान, यमन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मरीज उन्नत स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना और विशेषज्ञता के कारण लगातार यहां उपचार का विकल्प चुनते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों से मरीजों के संदर्भ में लगभग 25-30 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट आई है, और अधिकतर मरीज अपने उपचार को रद्द करने के बजाय उसे टाल रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशियाई देशों में इराक से आने वाले मरीजों की संख्या सर्वाधिक प्रभावित हुई है।
दिल्ली-एनसीआर में ‘आर्ट ऑफ हीलिंग कैंसर’ के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा ने कहा, ‘‘इराक से आने वाले मरीजों की संख्या में बहुत तेजी से गिरावट आई है, और मरीजों की संख्या पहले की तुलना में घटकर मात्र 20 प्रतिशत रह गई है।’’
सिन्हा ने कहा, ‘‘मौजूदा संकट और उसके परिणामस्वरूप हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण लगभग सभी इराकी मरीजों ने अपनी यात्रा योजना रद्द कर दी है। इसी तरह, यूएई से आने वाले यात्रियों की संख्या में भी ठहराव देखा गया है।’’
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के मुख्य संचालन अधिकारी अनिल विनायक ने कहा कि विभिन्न शहरों में स्थित उनके प्रतिष्ठानों में अंतरराष्ट्रीय रोगियों की संख्या में 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
उन्होंने कहा कि फोर्टिस के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में पश्चिम एशिया के मरीजों का हिस्सा लगभग 30 प्रतिशत है।
भाषा नेत्रपाल रंजन
रंजन

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