कांग्रेस ने वाइको के समानता मार्च का बहिष्कार किया, स्टालिन का मादक पदार्थ नेटवर्क के खात्मे का आह्वान
कांग्रेस ने वाइको के समानता मार्च का बहिष्कार किया, स्टालिन का मादक पदार्थ नेटवर्क के खात्मे का आह्वान
तिरुचिरापल्ली, दो जनवरी (भाषा) कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सहयोगियों की साल की पहली सियासी जुटान का शुक्रवार को बहिष्कार किया। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तिरुचिरापल्ली से एमडीएमके प्रमुख वाइको के समानता मार्च की शुरुआत के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम का आयोजन किया था।
द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन ने दस दिवसीय पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क व्यापक है और इसने युवाओं पर बुरा असर डाला है।
उन्होंने केंद्र और राज्यों से बंदरगाहों एवं अन्य प्रवेश मार्गों पर मादक पदार्थों की तस्करी को खत्म करने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सेल्वापेरुंथगई ने कार्यक्रम में दिवंगत लिट्टे नेता वी प्रभाकरन की तस्वीर की मौजूदगी का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी इस पदयात्रा को रवाना करने से जुड़े कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी।
तिरुची शहरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष रेक्स ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि उनकी पार्टी ने आज के कार्यक्रम का बहिष्कार किया है।
हालांकि, द्रमुक के अन्य सहयोगी दलों के नेता, जैसे कि वीसीके प्रमुख टी तिरुमावलवन और आईयूएमएल नेता खादर मोइदीन ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। राज्य सरकार में मंत्री केएन नेहरू और अंबिल महेश पोय्यामोझी भी मुख्यमंत्री के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
स्टालिन ने कहा, ‘‘मादक पदार्थ की तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क है। राज्यों और केंद्र, दोनों को बंदरगाहों के माध्यम से प्रवेश मार्गों पर ही नशीले पदार्थों की खेप को खत्म करने के लिए समन्वित कदम उठाने चाहिए।’’
विधानसभा चुनाव से पहले वाइको के राजनीतिक अभियान के तहत आयोजित दस दिवसीय ‘समथुवा नाडाई पयानम’ का उद्देश्य सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना और मादक पदार्थों एवं शराब के सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करना है। लगभग 175 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यह यात्रा 12 जनवरी को मदुरै में समाप्त होगी।
वाइको ने कहा कि यह समानता पदयात्रा इस बात पर प्रकाश डालने के लिए है कि तमिलनाडु में जाति और धार्मिक संघर्षों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा का मकसद एक नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।
भाषा
राजकुमार पारुल
पारुल

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