राजस्थान विधानसभा में सरकार के प्रदर्शन पर चर्चा से बचने के लिए हंगामा कर रही कांग्रेस: चतुर्वेदी

राजस्थान विधानसभा में सरकार के प्रदर्शन पर चर्चा से बचने के लिए हंगामा कर रही कांग्रेस: चतुर्वेदी

राजस्थान विधानसभा में सरकार के प्रदर्शन पर चर्चा से बचने के लिए हंगामा कर रही कांग्रेस: चतुर्वेदी
Modified Date: February 22, 2026 / 09:07 pm IST
Published Date: February 22, 2026 9:07 pm IST

जयपुर, 22 फरवरी (भाषा) राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने रविवार को कांग्रेस नेताओं पर जनता को गुमराह करने और विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान डालने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के दो साल के प्रदर्शन पर चर्चा से बचने के लिए हंगामा कर रहा है।

चतुर्वेदी ने जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं का आचरण ‘‘झूठ बोलो और भागो’’ जैसी नीति को दर्शाता है, जो लोकतांत्रिक मानकों के खिलाफ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा प्रस्तुत सरकार के दो साल के प्रदर्शन रिपोर्ट पर तुलनात्मक चर्चा से बचने के लिए सदन में व्यवधान पैदा किया।

पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चतुर्वेदी ने कहा कि ‘‘सरकार@2 वर्ष: प्रगति एवं उत्कर्ष 2024–25–26’ शीर्षक से दस्तावेज 16 फरवरी को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में रखा गया था और 16 से 21 फरवरी के बीच सभी विधायकों को उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने कहा, “पर्याप्त समय होने के बावजूद कांग्रेस ने कोई आपत्ति नहीं जताई। लेकिन जब 21 फरवरी को चर्चा शुरू हुई तो उन्होंने कार्यवाही बाधित की।”

चतुर्वेदी ने दावा किया कि सदन में कांग्रेस के भीतर आंतरिक मतभेद साफ दिखाई दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को बोलने से रोका गया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य सदस्य हंगामा कर रहे थे।

आंकड़े पेश करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा के 2023 चुनावी घोषणा पत्र में किए गए 392 वादों में से लगभग 285 यानी करीब 73 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं या क्रियान्वयन की प्रक्रिया में हैं।

उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार की दो वर्षों में की गई 2,719 बजटीय घोषणाओं में से लगभग 90 प्रतिशत को मंजूरी मिल चुकी है और करीब 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं या प्रगति पर हैं।

चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 4,148 घोषणाएं की गईं, जिनमें से 2,208 यानी लगभग 53 प्रतिशत पूरी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि अंतिम वर्ष 2023–24 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 1,426 घोषणाएं कीं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत पर कोई प्रगति नहीं हुई।

भाषा बाकोलिया धीरज

धीरज


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