कांग्रेस ने दिल्ली में सत्ता पाने के लिए माकपा को त्रिपुरा उपहार में दे दिया: परिवहन मंत्री चौधरी
कांग्रेस ने दिल्ली में सत्ता पाने के लिए माकपा को त्रिपुरा उपहार में दे दिया: परिवहन मंत्री चौधरी
अगरतला, सात सितंबर (भाषा) त्रिपुरा के परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने रविवार को दावा किया कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली में पार्टी की सरकार बनाने के लिए इस पूर्वोत्तर राज्य को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को उपहार में दे दिया।
पश्चिम त्रिपुरा के रानीबाजार में भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में 1993 की घटना कभी नहीं दोहराई जाएगी, जब तत्कालीन पीवी नरसिंह राव सरकार ने कम्युनिस्टों की वापसी का रास्ता साफ करने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया था।
चौधरी ने कहा,‘‘1998, 2003, 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों से पहले त्रिपुरा में सत्ता परिवर्तन की संभावना बनी थी, लेकिन कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के असहयोग के कारण प्रदेश कांग्रेस इस अवसर का लाभ नहीं उठा सकी।’’
चौधरी 2018 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल होने से पूर्व एनएसयूआई के एक प्रमुख नेता और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे।
चौधरी ने स्वीकार किया, ‘‘हम युवाओं को राज्य में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के सपने दिखाते थे। लेकिन हर चुनाव से ठीक नौ या 10 महीने पहले, हम सोनिया गांधी और राहुल गांधी की माकपा नेताओं सीताराम येचुरी और प्रकाश करात के साथ बैठक होते देखते थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘फलस्वरूप पिछले 25 वर्षों से कम्युनिस्टों के हाथों कांग्रेस की अपरिहार्य हार हुई। त्रिपुरा वास्तव में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा माकपा को एक उपहार था। लेकिन स्थिति तब बदल गई जब (मौजूदा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा से कम्युनिस्टों को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।’’
चौधरी ने कहा कि इस पूर्वोत्तर राज्य में 1993 कभी वापस नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा 2028 के विधानसभा चुनाव में 60 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 35 सीट के साथ सत्ता बरकरार रखेगी।
भाषा
राजकुमार सुभाष
सुभाष

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