कांग्रेस नेता जोसेफ ने केरल के मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी समर्थकों के बीच खींचतान की आलोचना की
कांग्रेस नेता जोसेफ ने केरल के मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी समर्थकों के बीच खींचतान की आलोचना की
कोट्टायम (केरल), नौ मई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. जोसेफ ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी समर्थकों के बीच सार्वजनिक रूप से हो रही खींचतान की आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि आंतरिक मामलों को सड़कों पर ले जाने के खतरनाक परिणाम हो सकते हैं।
वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार कांग्रेस नेताओं वी.डी. सतीशन, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के समर्थकों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों व लगाए गए फ्लेक्स बोर्डों और पोस्टरों का जिक्र कर रहे थे।
जोसेफ 39 वर्षों तक कांग्रेस के विधायक रहे, उन्होंने कन्नूर के इरिकुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और ओमान चांडी के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया था।
फेसबुक पोस्ट में जोसेफ ने कहा कि वह खामोश हैं क्योंकि “चुप रहना बेहतर है”।
उन्होंने कहा कि सभी को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस के आंतरिक मामलों को लेकर सड़कों पर उतरना खतरनाक परिणाम पैदा करेगा।
जोसेफ ने यह भी कहा कि “लेटकर थूकने से वही थूक अपने चेहरे पर गिरेगा”।
उनके अनुसार, इस तरह के सार्वजनिक मतभेद अंततः पार्टी को ही नुकसान पहुंचाएंगे।
उन्होंने तिरुवनंतपुरम में आयोजित विरोध प्रदर्शनों की भी आलोचना करते हुए कहा कि इनसे पार्टी के कई समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी की तस्वीर को कथित तौर पर जानबूझकर या अनजाने में फाड़ दिया गया था।
उन्होंने पोस्ट में कहा, “यह किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। जलती हुई लकड़ी से सिर खुजलाने की कोशिश करना विनाशकारी होगा।”
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने 63 सीटें जीतीं, जबकि उसके नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) गठबंधन ने दक्षिणी राज्य में वापसी करते हुए 102 सीटें जीतीं।
भाषा प्रशांत पवनेश
पवनेश

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