कांग्रेस नेता थरूर ने ‘असहमति को अवैध ठहराए जाने’ पर चिंता जताई

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कांग्रेस नेता थरूर ने 'असहमति को अवैध ठहराए जाने' पर चिंता जताई

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  • Publish Date - March 20, 2026 / 12:22 AM IST,
    Updated On - March 20, 2026 / 12:22 AM IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में असहमति के लिए अब भी जगह है, लेकिन उन्होंने इसे ‘‘अवैध’’ ठहराने की बढ़ती प्रवृत्ति के बारे में चेतावनी दी।

वहीं राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने आगाह किया कि देश न केवल लोकतांत्रिक पतन का सामना कर रहा है, बल्कि ‘‘गणतंत्र का और भी गहरा विघटन’’ हो रहा है।

वे पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार की पुस्तक ‘‘गार्जियंस ऑफ द रिपब्लिक’’ के विमोचन के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

थरूर ने कहा कि आलोचनात्मक विचारों को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने की क्षमता यह दर्शाती है कि भारत अभी तक निरंकुश व्यवस्था नहीं बना है, लेकिन असहमति को दबाने की बढ़ती प्रवृत्ति को उन्होंने ‘‘चिंताजनक’’ बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह तथ्य कि हम अभी भी बोल सकते हैं, आलोचना कर सकते हैं और बहस कर सकते हैं, यह दर्शाता है कि हम अभी तक निरंकुश व्यवस्था नहीं हैं’’ साथ ही उन्होंने असहमति को ‘‘अवैध ठहराने’’ के प्रति आगाह भी किया।

पूर्व राजनयिक ने कहा, ‘‘मैंने भारतीय लोकतंत्र से उम्मीद नहीं छोड़ी है।’’

संसदीय कार्यवाही पर थरूर ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि व्यवधान अक्सर महत्वपूर्ण चर्चाओं पर हावी हो जाते हैं’’ और कहा कि ‘‘संसद का उपयोग बार-बार स्थगन के बजाय तर्कपूर्ण बहस और विधायी कार्य के लिए अधिक किया जाना चाहिए।’’

यादव ने कहा कि भारत में मौजूदा दौर सामान्य लोकतांत्रिक गिरावट से कहीं आगे निकल चुका है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ लोकतांत्रिक पतन नहीं है, यह गणतंत्र का विघटन है।’’

भाषा देवेंद्र सुरभि

सुरभि