कांग्रेस, वामपंथी दलों और मजदूर संघ ने श्रम कानूनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लिया

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कांग्रेस, वामपंथी दलों और मजदूर संघ ने श्रम कानूनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लिया

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 06:09 PM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 06:09 PM IST

हैदराबाद, 12 फरवरी (भाषा) केंद्र सरकार की श्रम संहिताओं के खिलाफ मजदूर संघों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं तथा कामगारों ने बृहस्पतिवार को हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए।

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव पल्ला वेंकट रेड्डी और माकपा के तेलंगाना सचिव जॉन वेस्ली सहित अन्य नेताओं ने यहां नारायणगुडा में विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

वेंकट रेड्डी ने आरोप लगाया कि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं लागू करना श्रमिक-विरोधी निर्णय है।

उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को कथित रूप से कमजोर करने और मनरेगा को प्रतिस्थापित करने के प्रयासों को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की।

तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने यहां धरना चौक पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लेते हुए आरोप लगाया कि राजग सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर किया है और ‘अदाणी-अंबानी’ जैसे पूंजीपतियों को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने राजग सरकार को श्रमिक-विरोधी और धर्मनिरपेक्षता-विरोधी करार देते हुए कहा कि श्रमिकों और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के लोगों को एकजुट होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को सत्ता से हटाना चाहिए।

हैदराबाद से लगभग 200 किलोमीटर दूर गोदावरीखनी स्थित सरकारी खनन कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज के कर्मचारियों ने भी बंद में हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने कामकाज से दूर रहकर क्षेत्र में आयोजित विरोध कार्यक्रमों में भाग लिया।

तेलंगाना बोग्गु गनी कर्मिका संघम (टीबीजीकेएस) के प्रदेश अध्यक्ष मिर्याला राजी रेड्डी ने कहा कि आवश्यक और आपात सेवाओं को छोड़कर सिंगरेनी कोलियरीज के अधिकांश कर्मचारियों ने स्वेच्छा से कार्य से विरत रहकर हड़ताल का समर्थन किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आपातकालीन कर्मचारियों को छोड़कर सभी श्रमिक आज अपने काम से दूर रहे। बंद सफल रहा।’

पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

भाषा राखी प्रशांत

प्रशांत