Stock Market Today 24 July 2026: आज शेयर बाजार में बरसेगा पैसा या लगेगा झटका? जानिए कहां छिपा है कमाई का सबसे बड़ा मौका!

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Stock Market Today 24 July 2026: कच्चे तेल की तेजी ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका से लेकर जापान तक शेयर बाजार दबाव में है। इसी कमजोर वैश्विक माहौल का असर आज शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है और कारोबार की शुरुआत सुस्त रहने के संकेत मिल रहे हैं।

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  • Publish Date - July 24, 2026 / 08:53 AM IST,
    Updated On - July 24, 2026 / 08:55 AM IST

(Stock Market Today 24 July 2026/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • गिरावट के साथ खुल सकता है भारतीय शेयर बाजार।
  • गिफ्ट निफ्टी ने गैप-डाउन शुरुआत के दिए संकेत।
  • 100 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड, बाजार पर बढ़ा दबाव।

नई दिल्ली: Stock Market Today 24 July 2026: आज शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Today) की शुरुआत कमजोर हो सकती है। सेंसेक्स और निफ्टी 50 के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। इसकी सबसे बड़ी वजह विदेशी बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेत हैं। अमेरिका और एशिया के प्रमुख बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। वहीं, गिफ्ट निफ्टी भी पिछले बंद स्तर से करीब 169 अंक नीचे कारोबार कर रहा है। जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोर रह सकती है। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ था।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेत

वैश्विक बाजारों का माहौल फिलहाल निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। एशियाई बाजारों में शुक्रवार को तेज गिरावट (Stock Market Today) दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 करीब 2.85% और टॉपिक्स 1.35% नीचे कारोबार करता दिखा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.91% और कोस्डैक 2.64% गिर गया। वहीं, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स भी कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को बड़ी गिरावट रही। नैस्डैक 2% से ज्यादा टूट गया, जबकि डॉओ जोंस करीब 1% और एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.21% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

कच्चे तेल और वैश्विक तनाव का असर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड में भी सप्ताह के दौरान 6% से ज्यादा तेजी आई। ऊंचे कच्चे तेल के दाम भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय हैं क्योंकि इससे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। दूसरी ओर अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई जारी रखी है। इसके अलावा अमेरिका ने कई देशों पर नए टैरिफ लागू करने की घोषणा की है। हालांकि भारत को 10% वाले कम टैरिफ स्लैब में रखा गया है जिससे कुछ राहत की उम्मीद बनी हुई है।

जापान की महंगाई और इन्फोसिस के नतीजों पर नजर

वैश्विक निवेशकों की नजर जापान के आर्थिक आंकड़ों पर भी है। जून महीने में जापान की मुख्य मुद्रास्फीति बढ़कर 1.6% रही जो मई के 1.4 प्रतिशत से अधिक है। लेकिन अभी भी केंद्रीय बैंक के 2% लक्ष्य से नीचे बनी हुई है। वहीं घरेलू स्तर पर आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस के पहली तिमाही के नतीजे भी चर्चा में हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 8.6% घटकर 7,769 करोड़ रुपये रहा, जबकि राजस्व बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने 3.6 अरब डॉलर की बड़ी डील भी हासिल की है जिससे आगे के कारोबार को लेकर उम्मीद बनी हुई है।

निवेशकों की नजर इन संकेतों पर भी

आज के कारोबार में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान तनाव और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। इसके अलावा सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट भी देखने को मिली है। ऐसे माहौल में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते और विदेशी बाजारों में स्थिरता नहीं आती तब तक भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Today) में भी दबाव बना रह सकता है।

नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें:

आज शेयर बाजार कमजोर क्यों खुल सकता है?

विदेशी बाजारों में गिरावट, महंगे कच्चे तेल और कमजोर गिफ्ट निफ्टी के कारण।

गिफ्ट निफ्टी क्या संकेत दे रहा है?

गिफ्ट निफ्टी करीब 169 अंक की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है, जिससे गैप-डाउन ओपनिंग के संकेत मिल रहे हैं।

कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का बाजार पर क्या असर पड़ता है?

इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बनता है।

इन्फोसिस के तिमाही नतीजे कैसे रहे?

कंपनी का मुनाफा घटा, लेकिन राजस्व में बढ़ोतरी हुई और बड़ी डील्स मिलने से आगे की उम्मीद बनी हुई है।