Chhattisgarh ACB Raid: 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते जिला अस्पताल का सिविल सर्जन गिरफ्तार, देर रात ACB ने रंगे हाथ दबोचा, जानें किस काम के बदले मांगे थे घूस

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Chhattisgarh ACB Raid: 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते जिला अस्पताल का सिविल सर्जन गिरफ्तार, देर रात ACB ने रंगे हाथ दबोचा, जानें किस काम के बदले मांगे थे घूस

Chhattisgarh ACB Raid: 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते जिला अस्पताल का सिविल सर्जन गिरफ्तार, देर रात ACB ने रंगे हाथ दबोचा, जानें किस काम के बदले मांगे थे घूस /image: Social Media

HIGHLIGHTS
  • सक्ती जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन ₹1 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार
  • 5 महीने के पे-डाटा ट्रांसफर के बदले हर महीने ₹20 हजार की मांग का आरोप
  • ACB ने स्कॉर्पियो में ट्रैप लगाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा, जांच जारी

सक्ती। Chhattisgarh ACB Raid: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन ब्यूरो की लगातार कार्रवाई जारी है। इसी बीच ACB की टीम ने देर रात सक्ती जिले में 1 लाख रुपये रिश्वत लेते जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन (Civil Surgeon Bribe Case) को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने एक कर्मचारी से 20 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से रिश्वत मांगी थी।

Chhattisgarh ACB Raid जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल सक्ती में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के पद पर अटैचमेंट पर कार्यरत गंगा प्रसाद रत्नाकर ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी मूल पदस्थापना सीएमएचओ कार्यालय पोरथा, जिला सक्ती में है और फरवरी 2026 से वे जिला अस्पताल सक्ती में कार्यरत हैं।

किस काम के बदले मांगी थी रिश्वत

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल मई और जून 2026 का उनका पे-डाटा तैयार कर सीएमएचओ कार्यालय नहीं भेज रहे थे ,उन्होंने कहा कि चूंकि शिकायतकर्ता फरवरी 2026 से उनके अधीन कार्य कर रहा है, इसलिए फरवरी से जून तक के पांच महीनों के लिए प्रति माह 20 हजार रुपये के हिसाब से कुल 1 लाख रुपये देने होंगे, तभी पे-डाटा भेजा जाएगा। परेशान होकर शिकायतकर्ता रिश्वत देने के बजाय आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने की योजना बनाई और शिकायत की।

एसीबी ने बनाई ट्रैप की योजना

Chhattisgarh ACB Raid  एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी बिलासपुर ने ट्रैप की योजना बनाई। बताया गया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर जिला मुख्यालय को छोड़कर अपने अस्थायी निवास डभरा बुलाया। शिकायतकर्ता एसीबी टीम के साथ डभरा पहुंचा और आरोपी को डभरा कॉलेज मोड़ के पास बुलाया।

घात लगाए बैठी एसीबी स्कॉर्पियो में दबोचा

Chhattisgarh ACB Raid  गुरुवार रात करीब 9 बजे आरोपी वहां पहुंचा और शिकायतकर्ता की स्कॉर्पियो में बैठकर जैसे ही 1 लाख रुपये की रिश्वत अपने कब्जे में ली, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया। एसीबी ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी 1 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर कार्रवाई की गई। सक्ती जिले में इस तरह से एसीबी की भ्रष्टाचार पर लगातार कार्रवाई जारी है अभी कुछ माह पहले ही सक्ती जनपद सीईओ सहित तीन लोगों पर कार्रवाई हुई थी एक साल के अंदर यहां पटवारी, पुलिस पर भी कार्रवाई हो गई है।

 

 

बीजापुर में महिला हेड-कॉन्स्टेबल रिश्वत लेते गिरफ्तार

आपको बता दें कि कल बीजापुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने केड़ेनार थाना में पदस्थ हवलदार कुमारी तिलेश्वरी साहू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। (Chhattisgarh ACB Arrested Head Constable) शुरुआती जानकारी के मुताबिक़, हवलदार ने जब्त ट्रैक्टर को छोड़ने के एवज में एक ग्रामीण से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने ट्रैप प्लानिंग बनाकर कार्रवाई की और आरोपी हवलदार को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।

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सक्ती में ACB ने किसे गिरफ्तार किया है?

ACB ने सक्ती जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

रिश्वत किस काम के लिए मांगी गई थी?

आरोप है कि 5 महीने का पे-डाटा ट्रांसफर करने के बदले फार्मासिस्ट ग्रेड-2 कर्मचारी से रिश्वत मांगी गई थी।

आरोपी कितनी रिश्वत मांग रहा था?

आरोपी ने कथित तौर पर हर महीने ₹20 हजार के हिसाब से कुल ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी।

ACB ने आरोपी को कैसे पकड़ा?

शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB ने ट्रैप बिछाया और आरोपी को स्कॉर्पियो में रिश्वत लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?

ACB आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।