तिरुवनंतपुरम, 17 सितंबर (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को इस आरोप से इनकार किया कि कांग्रेस अदाणी समूह के मामले में दोहरा रवैया अपना रही है।
सतीशन ने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार विझिंजम बंदरगाह के संचालन में कंपनी का समर्थन कर रही है, क्योंकि यह राज्य के हित में है।
मुख्यमंत्री मीडिया से बातचीत के दौरान पूछे गये एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसका लिंक उन्होंने फेसबुक पर साझा किया था। उनसे पूछा गया था कि केरलम में यूडीएफ सरकार अदाणी समूह का समर्थन क्यों कर रही है, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार इस समूह के खिलाफ बोलते रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या यह कांग्रेस के दोहरे रवैये को दर्शाता है, सतीशन ने इससे इनकार किया और कहा कि बंदरगाह राज्य सरकार के स्वामित्व में है, जबकि अदाणी समूह को इसे संचालित करने का अधिकार दिया गया है।
सतीशन ने कहा, ‘‘तो हम बंदरगाह के मामले में एक-दूसरे से कैसे लड़ सकते हैं? हम जो कर सकते हैं, वह है केरलम के हितों की रक्षा करना और हम वही कर रहे हैं।’’
‘प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया’ (पीएम-श्री) योजना पर सतीशन ने कहा कि पिछली वामपंथी सरकार द्वारा केंद्र के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) में इस योजना से हटने का कोई प्रावधान नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, हमने फैसला किया कि हम केंद्र सरकार को पाठ्यक्रम में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देंगे। यह हमारा राजनीतिक निर्णय है। हमने फैसला किया कि ‘पीएम-श्री’ योजना लागू करने के लिए स्कूलों का चयन राज्य करेगा। हम केवल इन्हीं शर्तों पर इस योजना को लागू करेंगे।”
राज्य में जारी बिजली संकट पर सतीशन ने पिछले साल योजना की कमी के लिए केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बोर्ड को इस बात की जानकारी थी कि अल नीनो संबंधी मौसमी घटना राज्य को प्रभावित कर सकती है।
अल नीनो प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने और हवाओं के कमजोर होने की एक प्राकृतिक जलवायु घटना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस संकट को समस्या के समाधान के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय शुरू करने के अवसर के रूप में देख रही है।
भाषा देवेंद्र नरेश
नरेश