मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस ने आजादी से पहले और अब भी कर रही है ‘वंदे मातरम’ का विरोध:यादव

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मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस ने आजादी से पहले और अब भी कर रही है 'वंदे मातरम' का विरोध:यादव

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 05:16 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 05:16 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

ओरछा (मध्यप्रदेश), 31 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कांग्रेस पर मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तुष्टिकरण की इसी राजनीति के कारण उसने आजादी से पहले भी राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ के कुछ अहम हिस्सों को हटा दिया था।

धार्मिक नगरी ओरछा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी उसी नीति पर चल रही है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाएं तथा केंद्र एवं मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की उपलब्धियां बताएं एवं प्रमुख विपक्षी पार्टी की तुष्टिकरण की नीति के खिलाफ प्रदेश भर में माहौल भी बनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने हमेशा मुस्लिम समाज का वोट लिया और सत्ता हासिल की लेकिन कभी उनका विकास नहीं किया। उन्हें बस वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।’’

उन्होंने कहा मुस्लिम समाज ने भी आंखें बंद कर कांग्रेस पर भरोसा किया लेकिन कांग्रेस ने मुसलमानों को हिंदुओं से लड़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले वंदे मातरम के लिए कांग्रेस ने जो किया, वह आज भी वही कर रही है।

दरअसल, पहले वंदे मातरम के दो पद ही गाए जाते थे लेकिन संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण संस्करण को कानूनी संरक्षण दिया है।

इसके बाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया और भाजपा ने इसकी निंदा की। बाद में 19 अगस्त को कांग्रेस कार्यसमिति ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल प्रथम दो ही पद गाने का निर्णय लिया।

भाजपा इस मुद्दे पर लगातार कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रही है और आरोप लगा रही है कि अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के राजनीतिक परिदृश्य में विरोधी दलों का काम करने का तरीका बहुत ही गलत है और वे ‘दो मुहां’ तरीके से चलने वाले लोग हैं।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जब समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी चल रही थी तब कांग्रेस ने इसका खुलकर और ठोस विरोध नहीं किया, लेकिन अपने दो मुस्लिम विधायकों को आगे किया एवं उनसे विरोध कराया।

भाषा ब्रजेन्द्र

राजकुमार

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