नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के 16 रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) के वार्षिक कामकाज की समीक्षा करेंगे। इस दौरान नयी स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास और निर्यात को बढ़ावा देने के महत्व पर विशेष जोर दिया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘एक मजबूत और अधिक आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र भारत को तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक रक्षा क्षमताओं की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।’’
इस कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के सात रक्षा उपक्रमों – हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई), बीईएमएल और मिधानी (एमआईडीएचएएनआई) – के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी पर प्राप्त लाभांश के चेक रक्षा मंत्री को सौंपेंगे।
इस अवसर पर सिंह चार पुस्तकों का विमोचन भी करेंगे। इनमें ‘आत्मनिर्भर डीपीएसयू – आत्मनिर्भरता की दिशा में डीपीएसयू की यात्रा’; ‘दिशा’- रक्षा प्रौद्योगिकियों और आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं के संबंध में विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी देने के लिए डीपीएसयू की पहल; ‘एचएएल का आधुनिकीकरण रोडमैप’ तथा ‘एचएएल का स्वदेशीकरण रोडमैप’ शामिल हैं।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 में डीपीएसयू का कार्य-निष्पादन सराहनीय रहा है। उनका कुल कारोबार 1.29 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़ों की तुलना में 15.4 प्रतिशत अधिक है।
बयान में कहा गया कि वर्ष 2025-26 में डीपीएसयू ने कुल 23,136 करोड़ रुपये का कर पश्चात संचयी लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। विशेष रूप से, 2025-26 में डीपीएसयू के निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 151.2 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
भाषा आशीष दिलीप
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