मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस अब भी कर रही है ‘वंदे मातरम’ का विरोध: मोहन यादव
मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस अब भी कर रही है 'वंदे मातरम' का विरोध: मोहन यादव
(फाइल फोटो के साथ)
ओरछा (मध्यप्रदेश), 31 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कांग्रेस पर मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तुष्टीकरण की इसी राजनीति के कारण उसने आजादी से पहले भी राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ के कुछ अहम हिस्सों को हटा दिया था।
धार्मिक नगरी ओरछा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी उसी नीति पर चल रही है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाएं तथा केंद्र एवं मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की उपलब्धियां बताएं एवं प्रमुख विपक्षी पार्टी की तुष्टीकरण की नीति के खिलाफ प्रदेश भर में माहौल भी बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने हमेशा मुस्लिम समाज का वोट लिया और सत्ता हासिल की लेकिन कभी उनका विकास नहीं किया। उन्हें बस वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।’’
उन्होंने कहा मुस्लिम समाज ने भी आंखें बंद कर कांग्रेस पर भरोसा किया लेकिन कांग्रेस ने मुसलमानों को हिंदुओं से लड़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले वंदे मातरम् के लिए कांग्रेस ने जो किया, वह आज भी वही कर रही है।
दरअसल, पहले वंदे मातरम् के दो अंतरे ही गाए जाते थे लेकिन संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण को कानूनी संरक्षण दिया है।
इसके बाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया और भाजपा ने इसकी निंदा की। बाद में 19 अगस्त को कांग्रेस कार्यसमिति ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल प्रथम दो ही अंतरे गाने का निर्णय लिया।
भाजपा इस मुद्दे पर लगातार कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रही है और आरोप लगा रही है कि अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के राजनीतिक परिदृश्य में विरोधी दलों का काम करने का तरीका बहुत ही गलत है और वे ‘दो मुहां’ तरीके से चलने वाले लोग हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जब समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी चल रही थी तब कांग्रेस ने इसका खुलकर और ठोस विरोध नहीं किया, लेकिन अपने दो मुस्लिम विधायकों को आगे किया एवं उनसे विरोध कराया।
बाद में जारी एक बयान में यादव ने कांग्रेस पर सत्ता प्राप्त करने के लिए मुस्लिम लीग से समझौता करने और लगातार वर्ग संघर्ष बढ़ाने का कार्य करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा,‘‘सत्ता की भूख के कारण कांग्रेस समय-समय पर समाज को बांटने का प्रयास करती रही है। इसके विपरीत भाजपा सामाजिक समरसता और सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ कार्य करती है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर प्रदेश और देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है।
उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सरकार ने बजट, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जहां प्रदेश का बजट लगभग 22 हजार करोड़ रुपये और बिजली उत्पादन क्षमता करीब पांच हजार मेगावाट थी, वहीं आज प्रदेश का बजट 4.38 लाख करोड़ रुपये और बिजली उत्पादन क्षमता 31 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है।
यादव ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राज्य में एमबीबीएस की सीट 1250 थीं जो आज 6250 हो गई है।
उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश में 39 मेडिकल कॉलेज हैं, जिन्हें 50 से अधिक करने का लक्ष्य है।
यादव ने कहा,‘‘अगले दो साल में ढाई लाख पदों पर भर्ती का लक्ष्य रखा गया है, पुलिसकर्मियों के साढ़े 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। 85 हजार अलग-अलग तरह के पदों पर भर्ती की जा रही है। 86 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि दी जा रही है। 1.25 करोड़ लाडली बहनों के खाते में प्रतिमाह राशि दी जा रही है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में सिंचाई का रकबा लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर था जबकि आज प्रदेश में करीब 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और बिजली सहित विभिन्न सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को बुंदेलखंड के लिए ऐतिहासिक सौगात करार दिया और कहा कि इससे सिंचाई, पेयजल, उद्योग एवं बिजली के माध्यम से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में बुंदेलखंड से पलायन और पिछड़ेपन की समस्या बनी रही, जबकि भाजपा सरकार बुंदेलखंड को समृद्धि की दिशा में ले जा रही है।
उन्होंने दावा किया केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड अनाज उत्पादन में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ देगा।
भाषा ब्रजेन्द्र राजकुमार
राजकुमार

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