मेरे परिवार पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस का दस्तावेज़ों की ‘जांच न करना’ निंदनीय: हिमंत
मेरे परिवार पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस का दस्तावेज़ों की ‘जांच न करना’ निंदनीय: हिमंत
शिवसागर, सात अप्रैल (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने उन दस्तावेजों की ‘‘जांच नहीं की’’, जिनके आधार पर उसने उन पर और उनके परिवार पर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रविवार को आरोप लगाया था कि शर्मा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति है, जिनका मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में ज़िक्र नहीं किया गया।
शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी निशाना साधा और दावा किया कि बढ़ती उम्र के कारण वह ‘‘पागलों जैसी बातें’’ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी तब की, जब खरगे ने कहा कि आरोपों की जांच केंद्रीय एजेंसियों को करनी चाहिए।
शर्मा ने कहा कि खेड़ा हैदराबाद ‘‘भाग गए’’ हैं, लेकिन असम पुलिस उन्हें ‘‘पाताल से भी ढूँढ़ निकालेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘असम पुलिस को नहीं जानते हैं… पाताल से भी उखाड़ के ले आएगा।’’
इससे पहले, असम पुलिस की एक टीम आज खेड़ा से पूछताछ करने के लिए उनके दिल्ली स्थित आवास पहुंची।
शर्मा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वे क्यों गए हैं, क्योंकि वह (खेड़ा) तो कल ही भाग गए थे। कल तक खेड़ा कह रहे थे कि मुझे गिरफ़्तार करके दिखाओ, और अब जब पुलिस उनके घर पहुँची, तो वह भाग गए।’’
शर्मा ने कहा, ‘‘उन्होंने (खेड़ा) मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं।’’
आरोपों की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराए जाने संबंधी खरगे की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने चुनाव प्रचार से इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘अगर उन्हें (खरगे) सच नहीं पता था, तो उन्होंने यह सार्वजनिक तौर पर क्यों बोला? उन्हें पहले विदेश मंत्री से पूछना चाहिए था।’’ खरगे ने मंगलवार को गुवाहाटी में एक प्रेसवार्ता में कहा कि सभी एजेंसियां केंद्र सरकार के अधीन हैं, जिन्हें इन आरोपों की जांच करनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उन्होंने खेड़ा के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज करा दी है। उन्हें मामले की जांच करने दें। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ेगा, हम उसका सामना करेंगे। हमने इन आरोपों की जांच ईडी या सीबीआई से कराने की मांग की है।’’
शर्मा ने कहा, ‘‘खरगे की उम्र बढ़ रही है और वह किसी ‘पागल’ की तरह बोल रहे हैं। आप पहले लोगों का अपमान करते हैं और फिर कहते हैं कि विदेश मंत्री (सत्यापन के लिए) से पूछेंगे? क्या वे आपके ‘दामाद’ हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राहुल गांधी ने ये दस्तावेज़ खेड़ा को दिए थे, और अगर ऐसा है, तो इस मामले में गांधी भी शामिल किए जाएंगे।’’
भाषा
नेत्रपाल माधव
माधव

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