बंगाल विधानसभा की ओर मार्च रोके जाने के बाद संविदा शिक्षकों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर धरना दिया

बंगाल विधानसभा की ओर मार्च रोके जाने के बाद संविदा शिक्षकों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर धरना दिया

बंगाल विधानसभा की ओर मार्च रोके जाने के बाद संविदा शिक्षकों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर धरना दिया
Modified Date: February 5, 2026 / 04:49 pm IST
Published Date: February 5, 2026 4:49 pm IST

कोलकाता, पांच फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल में संविदा शिक्षकों के अलग-अलग संगठनों के संघ ‘पार्शा शिक्षक मंच’ के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर राज्य विधानसभा की ओर जा रहे उनके मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने पर शहर के बोबाजार इलाके में धरना दिया।

लगभग 500 प्रदर्शनकारी, जो कॉलेज स्क्वायर से शुरू होकर एस्प्लेनेड इलाके में विधानसभा की तरफ जा रहे थे, उन्हें सुबोध मलिक स्क्वायर पर रोक दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि इलाके में गाड़ियों की आवाजाही बाधित हुई और प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई।

‘इंडियन सेक्युलर फ्रंट’ के नेता और भांगर के विधायक नौशाद सिद्दीकी विधानसभा सत्र से समय निकालकर मौके पर पहुंचे और संविदा शिक्षकों के साथ एकजुटता दिखाई।

उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने विधानसभा इलाके में निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देकर शिक्षकों के मार्च को रोक दिया। मुझे हैरानी है कि प्रशासन पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा जाकर अपनी मांगों की सूची सौंपने की अनुमति क्यों नहीं दे रहा है।’’

मंच के सदस्य स्वदेश जाना ने कहा कि संविदा शिक्षकों को हर महीने 9,000 से 10,000 रुपये वेतन मिल रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम मांग करते हैं कि वेतन बढ़ाकर कम से कम 15,000 रुपये कर दिया जाए, तो क्या हम बहुत बड़ी मांग कर रहे हैं?’’

भाषा शफीक देवेंद्र

देवेंद्र


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